मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. हालांकि, बारिश बहुत ज़्यादा नहीं होगी, लेकिन वीकेंड पर हल्की बारिश हो सकती है. 31 जनवरी से 3 फरवरी 2026 के बीच दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश और बूंदाबांदी के आसार हैं. ऐसे में फरवरी की शुरुआत बारिश के साथ हो सकती है.
वहीं, हिमाचल प्रदेश में हाल की भारी बर्फबारी और बारिश की वजह से राज्य में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है. राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (State Emergency Operation Centre) के अनुसार, अभी भी 655 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं, जिनमें तीन प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल हैं. इससे राज्य के सैकड़ों स्थानों पर सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है, जिससे लोगों की आवाजाही और जरूरी सामान की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो रही है.
हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली में आज सुबह ताजा बर्फबारी हुई है. पहाड़ों, सड़कों और पेड़ों पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है, जिससे पूरा इलाका खूबसूरत विंटर वंडरलैंड बन गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मनाली में आज आसमान सामान्य रूप से बादलों से ढका रहेगा और हल्की बारिश की संभावना है. न्यूनतम तापमान 0.0 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे ठंड काफी बढ़ जाएगी. अधिकतम तापमान भी सामान्य से नीचे रहने की उम्मीद है.
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में हाल की भारी बर्फबारी से बंद पड़ी सड़कों को खोलने का काम तेजी से चल रहा है. लोक निर्माण विभाग (PWD) विभिन्न मार्गों पर बर्फ हटाने और सड़क बहाली का कार्य लगातार कर रहा है. लाहौल-स्पीति विधायक (MLA) के अनुसार, PWD की टीमें जेसीबी, स्नो ब्लोअर और अन्य मशीनों के साथ दिन-रात काम कर रही हैं. जिले में अभी भी सैकड़ों सड़कें बंद हैं, लेकिन मुख्य मार्गों और जरूरी लिंक रोड्स पर प्राथमिकता से काम किया जा रहा है. इससे लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके और जरूरी सामान की आवाजाही बहाल हो सके.
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में स्थित नवाड़ घाटी (Nawar Valley) हाल की भारी बर्फबारी से पूरी तरह सफेद चादर से ढक गई है। तिक्कर इलाके में बर्फ की मोटी परत जमा हो गई है, जिससे घाटी का नजारा बेहद मनमोहक और सर्दियों का असली रंग दिखा रहा है.
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी हिस्सों जैसे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उसके पास के मध्य भारत के कुछ हिस्सों में 31 जनवरी को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान गरज-चमक (thunderstorm) के साथ बिजली गिरने 30-40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलने का अलर्ट है.
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर 31 जनवरी से शुरू होकर 2 फरवरी तक रहेगा. जबकि 1 फरवरी को इसका सबसे ज्यादा असर दिखाई देगा. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड जैसे पश्चिमी हिमालयी राज्यों में मौसम बिगड़ेगा. इस दौरान भारी बारिश और बर्फबारी हो सकती है.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शाम 4 बजे दिल्ली का औसत AQI 226 'खराब' श्रेणी में दर्ज किया गया. IMD और वायु गुणवत्ता चेतावनी प्रणाली के अनुसार, कल (31 जनवरी) से 1 फरवरी तक AQI 'बहुत खराब' श्रेणी में रह सकता है.
IMD ने 31 जनवरी से 2 फरवरी तक दिल्ली में बारिश और गरज-चमक के साथ आंधी का पूर्वानुमान जारी किया है. शनिवार की सुबह कई जगहों पर मध्यम कोहरा छाएगा जबकि कुछ स्थानों पर घना कोहरा भी देखने को मिल सकता है. दोपहर और शाम के समय आसमान आमतौर पर बादलों से ढका रहेगा. जबकि रात में बहुत हल्की बारिश हो सकती है. इस दौरान 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.
IMD के अनुसार, महीने के आखिरी दिन यानी 31 जनवरी को दिल्ली मे हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. इस दौरान न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जबकि अधिकतम 20 डिग्री के आसपास रहने की उम्मीद है.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को ठंडी हवाओं और बादलों ने मौसम को काफी सुहाना बना दिया, लेकिन दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में अधिकतम तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसमी औसत से 4.2 डिग्री सेल्सियस कम है.
IMD ने 30 जनवरी के लिए हिमाचल के ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों में घने कोहरे और कोल्ड वेव की स्थिति के लिए 'येलो' अलर्ट जारी किया है.
मौसम विभाग (MeT/IMD) ने 30 जनवरी को हिमाचल के ऊंचे पहाड़ों में हल्की बर्फबारी और बारिश की संभावना जताई है. इसके अलावा, 31 जनवरी से 3 फरवरी तक भारी बर्फबारी और बारिश का एक और दौर आने वाला है. IMD ने 1 फरवरी के लिए 'येलो' अलर्ट जारी किया है, जिसमें भारी बर्फबारी और बारिश की चेतावनी दी गई है.
बर्फबारी के कारण हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है. राज्य में कुल 669 ट्रांसफॉर्मर खराब हो गए हैं, जिससे हजारों घरों में बिजली गुल है.
हिमाचल प्रदेश में हाल की भारी बर्फबारी और बारिश ने राज्य की जीवनरेखा को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (State Emergency Operation Centre) के अनुसार, अभी भी 655 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं, जिनमें तीन प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल हैं. इससे राज्य के सैकड़ों स्थानों पर सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है, जिससे लोगों की आवाजाही और जरूरी सामान की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो रही है.