31 जनवरी को देश भर में मनाया जाएगा 'विश्वासघात दिवस', संयुक्त किसान मोर्चा की तैयारियां ज़ोरों पर

संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 31 जनवरी को देश भर में 'विश्वासघात दिवस' मनाया जाएगा. इसके तहत, जिला और तहसील स्तर पर रोष प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे.

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31 जनवरी को किसानों देश भर में मनाएंगे 'विश्वासघात दिवस' 31 जनवरी को किसानों देश भर में मनाएंगे 'विश्वासघात दिवस'

पॉलोमी साहा

  • नई दिल्ली,
  • 29 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 12:02 AM IST
  • मिशन उत्तर प्रदेश का अगला दौर 3 फरवरी से शुरू
  • 23 और 24 फरवरी को मजदूर संगठनों की हड़ताल का करेंगे समर्थन

संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 31 जनवरी को देश भर में 'विश्वासघात दिवस' मनाया जाएगा. इसके तहत, जिला और तहसील स्तर पर रोष प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे. मोर्चे से जुड़े सभी किसान संगठन, जोर-शोर से इसकी तैयारी में जुटे हैं. उम्मीद है कि यह कार्यक्रम देश के कम से कम 500 जिलों में आयोजित किया जाएगा.

आपको बता दें कि किसानों के साथ हुए धोखे का विरोध करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने 15 जनवरी को हुई अपनी बैठक में यह फैसला किया था. इन प्रदर्शनों में केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन भी दिया जाएगा. शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा की कोऑर्डिनेशन कमिटी की बैठक में इस कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा की गई. 

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सरकार ने अब तक कोई वादा पूरा नहीं किया

सरकार का किसान विरोधी रुख इस बात से जाहिर हो जाता है कि 15 जनवरी के फैसले के बाद भी, भारत सरकार ने 9 दिसंबर के अपने पत्र में किया कोई वादा पूरा नहीं किया है. आंदोलन के दौरान हुए केस को तत्काल वापस लेने और शहीद परिवारों को मुआवजा देने के वादे पर, पिछले दो सप्ताह में कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है. एमएसपी के मुद्दे पर सरकार ने कमेटी के गठन की कोई घोषणा नहीं की है. इसलिए मोर्चे ने देशभर में किसानों से आह्वान किया है कि वह 'विश्वासघात दिवस' के माध्यम से सरकार तक अपना रोष पहुंचाएं.

जारी रहेगा 'मिशन उत्तर प्रदेश'

संयुक्त किसान मोर्चा ने यह स्पष्ट किया है कि 'मिशन उत्तर प्रदेश' जारी रहेगा, जिसके जरिए इस किसान विरोधी सत्ता को सबक सिखाया जाएगा. इसके तहत, अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त और गिरफ्तार ना करने, केंद्र सरकार द्वारा किसानों से विश्वासघात और उत्तर प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों को लेकर उत्तर प्रदेश की जनता से भारतीय जनता पार्टी को सजा देने का आह्वान किया जाएगा. इस मिशन को कार्य रूप देने के लिए 3 फरवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए, मिशन के नए दौर की शुरुआत होगी. इसके तहत एसकेएम के सभी संगठनों द्वारा पूरे प्रदेश में साहित्य वितरण, प्रेस कॉन्फ्रेंस, सोशल मीडिया और सार्वजनिक सभा के माध्यम से भाजपा को सजा देने का संदेश पहुंचाया जाएगा.

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मजदूर संगठनों की हड़ताल का करेंगे समर्थन

मोर्चे ने यह स्पष्ट किया है कि आगामी 23 और 24 फरवरी को देश की केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने मजदूर विरोधी चार लेबर कोड को वापस लेने के साथ-साथ किसानों को एमएसपी और प्राइवेटाइजेशन के विरोध जैसे मुद्दों पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल के आह्वान को संयुक्त किसान मोर्चा का पूरा समर्थन और सहयोग है. इस संबंध में किसी भी भ्रांति की गुंजाइश नहीं है.

विधानसभा चुनाव में मोर्चे के नाम इस्तेमाल न करने की चेतावनी

पंजाब और अन्य राज्यों के चुनाव के बारे में मोर्चे ने यह स्पष्ट किया है कि संयुक्त किसान मोर्चा के नाम, बैनर या मंच का इस्तेमाल किसी राजनैतिक दल या उम्मीदवार द्वारा नहीं किया जाएगा. ऐसा करने वालों के खिलाफ मोर्चे द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. 

 

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