ED के सामने पेश नहीं हुईं टीना अंबानी, जांच एजेंसी ने दी नई तारीख

अनिल अंबानी की पत्नी टीना अंबानी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. 40,000 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वे जांच में शामिल नहीं हुईं. अब एजेंसी उन्हें नया समन जारी करने की तैयारी में है.

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टीना अंबानी को नया समन भेजेगी ईडी (File Photo: ITG) टीना अंबानी को नया समन भेजेगी ईडी (File Photo: ITG)

मुनीष पांडे

  • नई दिल्ली,
  • 10 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:34 PM IST

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को उद्योगपति अनिल अंबानी की पत्नी टीना अंबानी को मनी लॉन्ड्रिंग जांच में शामिल होने के लिए समन भेजा था. हालांकि, टीना अंबानी सोमवार को जांच के लिए पेश नहीं हुईं. अब ईडी उन्हें ईडी ने नई तारीख 17 जनवरी दी है.

यह जांच अनिल अंबानी और ग्रुप की कंपनियों से जुड़े 40,000 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले से संबंधित है, जिसके लिए ईडी ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है. 

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न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) और उससे जुड़ी कंपनियों से जुड़े 40,000 करोड़ रुपये के कथित बैंकिंग और कॉर्पोरेट फ्रॉड की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई है. 

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था ये निर्देश...

SIT को फेडरल जांच एजेंसी की हेडक्वार्टर इन्वेस्टिगेशन यूनिट (HIU) में एक एडिशनल डायरेक्टर रैंक का ऑफिसर लीड कर रहा है और इसमें करीब आधा दर्जन दूसरे इन्वेस्टिगेटर शामिल हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने ADAG के खिलाफ मामलों का रिव्यू करते हुए पिछले हफ्ते ED को एक SIT बनाने का निर्देश दिया था, जो मामले की फेयर, इंडिपेंडेंट, तेज और बिना किसी भेदभाव के जांच करेगी.

यह भी पढ़ें: अनिल अंबानी के बेटे से दूसरे दिन भी ED ने की पूछताछ, लोन धोखाधड़ी से जुड़ा मामला

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ED पिछले साल से अनिल अंबानी और उनके ग्रुप की कंपनियों की जांच कर रहा है और अब तक प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत तीन एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIRs) फाइल की हैं, जो ED की पुलिस FIR के बराबर हैं. इसके अलावा 12,000 करोड़ रुपये की संपत्ति भी अटैच की है.

सूत्रों ने कहा कि SIT ADAG ग्रुप की कंपनियों और उनके अधिकारियों द्वारा किए गए कथित गैर-कानूनी कामों और संदिग्ध फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की जांच के लिए और ECIRs फाइल कर सकती है.

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