उत्तर भारत में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है. महानगरों में तो गर्मियों के इस मौसम में तापमान 45 से 48 डिग्री तक चला जाता है. गर्म हवा चलने लगती है, हर घर में AC और कूलर का इस्तेमाल किया जाता है. दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम जैसी जगह में बड़ी-बड़ी इमारतें हैं. ऐसे में लगभग हर घर में AC और कूलर लगाए जाते हैं. गर्मियों में अधिक AC चलने की वजह से बिजली की खपत भी ज्यादा होने लगती है और दिन भर AC में रहने के कुछ साइड इफेक्ट भी हैं.
ऐसे में एयर कंडीशनर पर डिपेंडेंसी को कम करने के लिए एक आर्किटेक्ट ने मिट्टी का AC बनाया है, जो बिजली से चलने वाले एयर कंडीशनर की तरह काम करता है. बता दें कि भारत में कुछ ऐसे इलाके भी हैं जहां अभी भी मिट्टी के घर देखने को मिलते हैं और मिट्टी के घरों में ठंडा पानी भी पिया जाता है. आमतौर पर मिट्टी से बने हुए यह घर भीषण गर्मी में भी बेहद ठंडे रहते हैं. इसी सोच के साथ आंध्र प्रदेश के एक आर्किटेक्ट ने इस AC को बनाया है जो घर को ठंडा करने का काम करता है. यह मिट्टी के AC देखने में भी बेहद खूबसूरत लगते हैं. कुछ ऐसी की बनावट मधुमक्खी के छत्ते की तरह है जिसे Beehive Cooling System नाम दिया गया है.
मिट्टी और पानी से AC जैसी कूलिंग
बताते चलें कि मिट्टी की मदद से हवा को ठंडा करने का काम किया है आर्किटेक्ट पुनीश ने. यह AC मिट्टी और पानी की मदद से चलता है और हवा को ठंडा रखता है. साथ ही तापमान को कम करता है. यह मिट्टी का AC तापमान को 6 से 7 डिग्री तक कम करने की क्षमता रखता है. अगर इस मिट्टी के AC को कमरे के बाहर रखते हैं तो कमरे का तापमान बाहर के तापमान से 7 से 8 डिग्री तक कम हो जाएगा.
सिर्फ पंखे के सहारे कटेंगी गर्मियां
दावा है कि दिल्ली-एनसीआर और मुंबई जैसे बड़े शहरों में जहां पॉल्यूशन की वजह से बेहद गर्मी पड़ती है. जिसे कि सहना मुश्किल हो जाता है. बड़े शहरों में इस मिट्टी के AC को अगर लगाया जाए तो पंखे के सहारे ही आसानी से यह गर्मियां काटी जा सकती हैं.
पर्यावरण फ्रेंडली है मिट्टी का AC
इस मिट्टी के AC में लगातार पानी रिसता रहता है. मिट्टी के ऐसी में जो मिट्टी यूज की जाती है वह इस पानी को धीरे-धीरे सोखती रहती है और फिर ठंडी हवा देती है. बनाने वालों का यह भी दावा है कि यह मिट्टी का AC पर्यावरण के बिल्कुल अनुकूल है और बिजली की खपत को भी बहुत कम कर देता है.
अनामिका गौड़