हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के शिमला में पिछले कई दिनों से चल रहे संजौली मस्जिद विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. बुधवार को हिंदू संगठनों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस एक्शन के खिलाफ शिमला व्यापार मंडल ने बंद का ऐलान किया है. जानकारी के मुताबिक, बंद का वक्त सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक है.
संजौली में कल हुए विरोध प्रदर्शन पर शिमला के एसपी संजीव गांधी ने कहा, "हमने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की थी. बीएनएसएस की धारा 163 के तहत प्रावधान लागू किए गए. हमने उन लोगों के साथ भी बैठक की, जो इस मामले में हितधारक होने का दावा करते हैं. उन्होंने आश्वासन दिया था कि सब कुछ शांतिपूर्ण होगा, लेकिन कल सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और बैरिकेड्स तोड़े गए."
उन्होंने आगे कहा कि योजनाबद्ध तरीके से पथराव किया गया, इस दौरान पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. हमने कानून के तहत काम किया, कानून के परिणाम सामने आएंगे. इलाके में शांति बहाल हो गई. नागरिक अपने दैनिक जीवन में व्यस्त हैं.
शिमला एसपी ने कहा कि हम फिर से दोहराते हैं कि हम सभी को संविधान और कानून पर भरोसा रखना चाहिए. पथराव में कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, इसकी जांच की जाएगी.
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क्या है संजौली मस्जिद विवाद?
मस्जिद का विस्तार करने के उद्देश्य से इसके परिसर में 2007 के बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ था. साल 2010 में मस्जिद को अवैध बताते हुए इसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया. हालांकि, पिछले 14 वर्षों में मस्जिद पर चार नई मंजिलें जोड़ी गईं. नगर निगम द्वारा इस मामले की 44 बार सुनवाई की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला. पिछले महीने कुछ लोगों के एक समूह ने दावा किया कि उनकी जमीन पर मस्जिद का विस्तार किया जा रहा है और इसे लेकर दो समुदायों के बीच संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हुई. इस विवाद के बाद यह पांच मंजिला मस्जिद स्थानीय और राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आई.
असीम बस्सी