विवेक एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान एक यात्री की तबीयत अचानक बिगड़ने पर भारतीय रेलवे के कर्मचारियों ने जिस संवेदनशीलता और तत्परता से मदद की, उसकी सोशल मीडिया पर जमकर सराहना हो रही है. इस मानवीय पहल से जुड़ा एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें रेलवे स्टाफ को देवदूत बताया गया है.
यह घटना गुवाहाटी से भुवनेश्वर जा रही विवेक एक्सप्रेस की है. सोशल मीडिया यूजर शुभांगी देशपांडे ने फेसबुक पोस्ट में बताया कि चार महिलाएं ट्रेन से यात्रा कर रही थीं, तभी सुबह करीब 10:30 बजे उनकी एक सहयात्री को तेज पेट दर्द की शिकायत हुई. साथ मौजूद पेनकिलर देने के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ, जिससे सभी घबरा गईं.
इसके बाद यात्रियों ने ट्रेन में मौजूद टिकट कलेक्टर (TC) से संपर्क किया. टीसी ने तुरंत उनका पीएनआर और सीट नंबर डिजिटल डिवाइस में दर्ज किया और आश्वासन दिया कि जल्द ही मदद उपलब्ध कराई जाएगी. करीब आधे घंटे के भीतर टीसी दोबारा लौटे और फोन पर एक डॉक्टर से बात करवाई. डॉक्टर ने मरीज से सीधे बातचीत कर लक्षणों का आकलन किया और बताया कि वह अगले स्टेशन पर ट्रेन में मिलेंगे.
यात्रियों को बाद में पता चला कि टीसी कई कोच पार कर पूरी व्यवस्था समन्वित कर रहे थे. न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन पर डॉक्टर ने ट्रेन में चढ़कर मरीज को दवाएं दीं, जिनमें से एक खुराक तुरंत दी गई और बाकी आगे के लिए सौंप दी गई. अगली सुबह तक यात्री की हालत में काफी सुधार हो गया और वह पूरी तरह स्थिर बताई गई. शुभांगी देशपांडे ने अपनी पोस्ट में भारतीय रेलवे, डॉक्टर और टीसी का आभार जताते हुए उन्हें देवदूत बताया. उन्होंने यह भी बताया कि पूरी चिकित्सा सहायता नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई.
पीयूष मिश्रा