देशभर में बनेंगे रेल अंडरपास, हादसों पर लगेगी लगाम, जानें क्या है रेल मंत्रालय का पूरा प्लान

केंद्र सरकार ने रेल पटरी पार करते समय होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए देशभर में सुविधाजनक रेल अंडरपास बनाने का निर्णय लिया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं...

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डिज़ाइन ऐसा होगा कि पैदल यात्री, साइकिल और मोटरसाइकिल आसानी से गुजर सकें. डिज़ाइन ऐसा होगा कि पैदल यात्री, साइकिल और मोटरसाइकिल आसानी से गुजर सकें.

दीपेश त्रिपाठी

  • मुंबई,
  • 27 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:36 AM IST

रेल पटरी पार करते समय होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देशभर में सुविधाजनक रेल अंडरपास (पुलियाएं) बनाने के निर्देश दिए हैं. यह निर्णय उन जगहों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जहां पटरी के एक ओर बस्ती और दूसरी ओर खेत, स्कूल, श्मशान या अन्य जरूरी स्थान होते हैं और लोग रोज़ाना जान जोखिम में डालकर पटरियां पार करते हैं.

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इसकी व्यापक तैयारियों के रूप में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज नई दिल्ली में संबंधित अधिकारियों की एक वर्कशॉप की. जहां रेल पटरी के एक तरफ बस्ती है और दूसरी तरफ़ खेत, विद्यालय, श्मशान या अन्य उपयोगी एवं महत्वपूर्ण स्थान हैं. ऐसे स्थानों पर ये रेल पुलियाएं बनाई जायेंगी. रेल मंत्री ने देशभर में ऐसी रेल पुलियाओं को बनाने का निर्देश दिया, जहां अपने रोजमर्रा के जीवन में बड़ी संख्या में लोग पटरियों को पार करते हैं.

जीवनदायी विकल्प के रूप में उभरेगी रेल पुलिया
रेल मंत्री ने अधिकारियों को एक ऐसी सुविधाजनक रेल पुलिया बनाने को कहा जो पटरी पार करने वाले लोगों के लिए एक जीवनदायिनी विकल्प के रूप में उभरे. इन रेल पुलियाओं को बनाते समय यह ध्यान रखा जाएगा कि एक आम आदमी साइकिल, मोटर साइकिल तथा कामकाज से जुड़ी अन्य चीजों को भी अपने साथ ले जा सके. इससे देशभर में पटरी पार करते समय होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी. देश की एक बड़ी आबादी के लिए भारतीय रेल की ये पुलिया वरदान साबित होगी.

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सुगम और सुरक्षित डिज़ाइन
रेल मंत्री ने अधिकारियों को देश की इस बड़ी समस्या से अगले 5-6 सालों में निजात दिलाने को कहा. ये पुलियाएं इस प्रकार से बनाई जायेंगी ताकि पटरियों के आर-पार इनका निर्माण मात्र 12 घंटे में हो सके. रेल मंत्री ने कहा, डिज़ाइन इस प्रकार की हो, ताकि लोगों को इसे इस्तेमाल करने में कोई हिचक न हो. जल भराव से पुलिया प्रभावित न हो. 

रेल पुलिया बनाने का यह महत्वपूर्ण निर्णय पिछले कई दिनों से अधिकारियों के साथ चली आ रही मंत्रणा का परिणाम है. रेल मंत्री का मानना है कि व्यवस्था संवेदनशील हो तथा एक आम आदमी की समस्याओं का सभी अधिकारी ऐसा समाधान निकालें जो आने वाले कई दशकों तक प्रभावी रहे. ये रेल पुलियाएं भूमिगत होंगी. 

सबवे या पुलिया को 12 घंटे में लगाने का मतलब
सबवे या पुलिया का स्ट्रक्चर बनने के बाद साइट पर जहां पुलिया लगनी है, वहां लाया जाएगा. साइट पर आने के बाद , ब्लॉक लिया जाएगा. ब्लॉक के अंतर्गत रेल पटरी को काट के 12 घंटे के अंदर पुलिया लगाकर इस्तेमाल के लिए तैयार की जाएगी.

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