खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या और भारत पर हत्या के आरोप के बाद से खालिस्तानी आतंकियों को लेकर सरकार ने सख्त रवैया अख्तियार किया हुआ है. इसी कड़ी में पंजाब पुलिस ने खालिस्तानी आतंकी लखबीर सिंह लांडा और उनके सहयोगियों से जुड़े कई ठिकानों पर सोमवार को छापेमारी की.
लांडा और उसके सहयोगियों के फिरोजपुर और आसपास के 48 स्थानों पर छापेमारी की गई. इससे पहले फिरोजपुर के जीरा इलाके में लांडा और उसके गैंग के सदस्यों से जुड़ा उगाही का मामला सामने आया था. फिरोजपुर में दो नकाबपोशों ने एक दुकानदार पर फायरिंग की थी.
हाल ही में एनआईए ने लांडा, हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा और बब्बर खालसा इंटरनेशनल के तीन और आतंकियों पर दस-दस लाख रुपये का ईनाम रखा था. लांडा और रिंदा के बारे में जानकारी देने वालों को दस-दस लाख जबकि परमिंदर सिंह कैरा उर्फ पट्टू, सतनाम सिंह उर्फ सत्ता और यदविंदर सिंह उर्फ यद्दा पर पांच-पांच लाख रुपये के ईनाम का ऐलान किया था.
ISI के इशारे पर काम करता है लांडा
लांडा और उनके सहयोगी आतंकी गतिविधियों से जुड़े मामले में वॉन्टेड है. NIA सूत्रों के मुताबिक लखबीर सिंह उर्फ लांडा के खिलाफ पंजाब में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. सूत्रों की मानें तो हाल ही में शिवसेना नेता की हत्या के मामले और मोहाली RPG अटैक की जांच में भी खालिस्तानी आतंकी लखबीर सिंह उर्फ लांडा हरीके का नाम सामने आया था. लांडा हरीके का पाकिस्तान कनेक्शन भी सामने आया है.
एनआईए सूत्रों के मुताबिक लखबीर सिंह उर्फ लांडा हरीके खालिस्तानी आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा के साथ मिलकर काम करता रहा है. सूत्रों की मानें तो लांडा हरीके और हरिवंदर सिंह रिंदा, दोनों ही पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर काम करते रहे हैं. एनआईए सूत्रों के मुताबिक लखबीर सिंह उर्फ लांडा हरीके को पंजाब में आपराधिक वारदातों को अंजाम देने के लिए अब भी ISI की ओर से फंडिंग की जाती है.
कमलजीत संधू