नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ पंजाब कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई. इस बैठक की अध्यक्षता मल्लिकार्जुन खड़गे ने की. इस बैठक में कांग्रेस हाईकमान ने पार्टी नेताओं को निर्देश दिए.
इस बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, पंजाब के प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल और अंबिका सोनी शामिल थीं. उनके अलावा बैठक में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, विजय इंद्र सिंगला, राणा केपी सिंह और डॉ अमर सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
वेणुगोपाल ने बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि तीन घंटे तक चली बैठक सफल रही और पार्टी को मजबूत करने के लिए सभी ने अपनी राय दी. नेताओं को अनुशासन बनाए रखने और पार्टी के आंतरिक मुद्दों पर मीडिया या सोशल मीडिया में बयान न देने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के विषयों पर चर्चा केवल पार्टी के मंच पर ही होनी चाहिए.
नेतृत्व के मुद्दे पर सवाल का जवाब देते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन का कोई सवाल ही नहीं है. संगठन में दलितों को प्रतिनिधित्व देने के सवाल पर वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरे देश में दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रतिबद्ध है.
वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एकजुट है और आगे भी एकजुट होकर पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ेगी एवं पंजाब की जनता के समर्थन से ‘आराम से’ जीत हासिल करेगी.
भूपेश बघेल कहा कि बैठक में आने वाले वर्ष के लिए रणनीतिक चर्चा की गई. उन्होंने बताया कि पूरे पंजाब में लोगों की यह भावना है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने. साथ ही उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व द्वारा अनुशासनहीनता को लेकर बहुत कड़े निर्देश दिए गए हैं. पार्टी के अंदर अनुशासनहीनता और गुटबाजी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. एक प्रश्न के जवाब में भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी और मल्लिकार्जुन खड़गे व राहुल गांधी पार्टी के चेहरे होंगे.
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