गोवा में लोग रेलवे की ओर से रेल लाइन के दोहरीकरण का विरोध कर रहे हैं. इसे राज्य में कोयला उत्पादन बढ़ाने के लिए उठाया जा रहा कदम बताते हुए लोग विरोध कर रहे हैं. पर्यावरण के मुद्दे को लेकर दिल्ली और गोवा के मुख्यमंत्री ट्विटर पर उलझ गए. इस वार पलटवार की शुरुआत तब हुई, जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आंदोलन के समर्थन में बयान देते हुए लोगों की सराहना की थी.
गोवा के सीएम प्रमोद सावंत को यह नागवार गुजरा और उन्होंने दिल्ली के सीएम को गोवा की चिंता छोड़ दिल्ली के प्रदूषण पर फोकस करने नसीहत दी. इस पर अरविंद केजरीवाल के तेवर बदले और उन्होंने नरम तेवर अख्तियार करते हुए कहा कि यह समस्या दिल्ली या गोवा की नहीं है. हम एक देश हैं और हमें साथ मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रदूषण कहीं न रहे.
इसके बाद प्रमोद सावंत ने ट्वीट किया, "डियर अरविंद केजरीवालजी, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि गोवा में प्रदूषण का कोई मुद्दा न रहे और गोवा प्रदूषण मुक्त रहे. मुझे यकीन है कि दिल्ली के लोग भी अपने खूबसूरत राज्य के लिए यही चाहते हैं."
प्रमोद सावंत के इस ट्वीट पर जवाब देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रमोद सावंत डबल ट्रैकिंग प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं. यह सुनकर खुशी हुई. उनकी आवाज सुनें और गोवा के फेफड़े मोलेम को बचाएं. उन्होंने कहा कि मैं समझ रहा हूं कि इस परियोजना के लिए केंद्र, गोवा पर दबाव बना रहा है. कृपया गोवा के लोगों के साथ खड़े हों और गोवा को कोल हब बनने से बचाने के लिए केंद्र को नो कहें.
अरविंद केजरीवाल के इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गोवा के सीएम ने कहा कि रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण नेशन बिल्डिंग एक्सरसाइज है. इससे मोलेम को कोई खतरा नहीं है और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि यह वैसे ही बना रहे. हम गोवा को कोल हब बनाने की अनुमति नहीं देंगे. हम मुद्दों को केंद्र बनाम राज्य बनाने की आपकी विशेषज्ञता को जानते हैं. हम आपकी सलाह छोड़ रहे हैं.
Dear @ArvindKejriwal ji,
Doubling of Railway tracks is a nation building exercise.
There is no threat to Mollem & we will ensure it remains that way.
We will not allow Goa to become coal hub.
Knowing your expertise in creating Center vs State issues, we will skip your advice. https://t.co/R0nyO8Bzry
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