जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन ने बड़ी जीत हासिल की है. इस जीत के साथ अब नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार बनाने के लिए तैयार है. इस बीच उमर अब्दुल्ला के बेटे जमीर अब्दुल्ला ने संभवत: पहली बार सार्वजनिक तौर पर इस जीत पर बयान दिया है.
जमीर अब्दुल्ला ने कहा कि इस जीत पर कहा कि यह सिर्फ मेरे लिए खुशी का मौका नहीं है बल्कि पूरे जम्मू कश्मीर के लिए खुशी का पल है. हम इस जीत की उम्मीद कर रहे थे. हमें जीत की पूरी उम्मीद थी. नेशनल कॉन्फ्रेंस को कमजोर करने की पूरी कोशिशें की गईं. ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि ऐसा करने वालों को पता था कि अगर जम्मू कश्मीर की आवाम के ऊपर दबाव डालना है तो नेशनल कॉन्फ्रेंस ही सामने खड़ी है. फारूक और उमर साहब को क्यों कमजोर करने की कोशिश की गई? क्योंकि उन्हें पता था कि अगर जम्मू कश्मीर की आवाम को कमजोर करना है तो इस खानदान को कमजोर करना होगा. लेकिन लोगों ने इसका जवाब दे दिया है.
उन्होंने जम्मू कश्मीर के जरूरी मुद्दों के बारे में पूछने पर कहा कि रोजगार, बिजली, पानी जरूरतें हैं. मैं यहां स्टेटहुड की बात नहीं करूंगा क्योंकि वह मुद्दा नहीं बल्कि यहां के लोगों का अधिकार है. उन्होंने कहा कि मैं युवाओं को मैसेज देना चाहूंगा कि पढ़ाई से ज्यादा जरूरी कुछ नहीं है. मैंने आज तक जो भी हासिल किया है, वो पढ़कर किया है.
जमीर ने कहा कि स्टेटहुड को लेकर एक मूवमेंट शुरू किया जाएगा. हम बेशक इसके लिए कोर्ट जाएंगे. लेकिन इसके लिए जनांदोलन खड़ा करना होगा. 2019 में हमें बांट दिया गया था. हम स्टेटहुड के बिना कुछ नहीं है. हमारे पास लोगों का साथ है, जनादेश है. बता दें कि 2019 में केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर को हासिल 170 का दर्जा समाप्त कर उसे दो हिस्सों में विभाजित कर दिया था.
बता दें कि नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन ने जम्मू कश्मीर विधानसभा की 90 सीटों में से 49 सीटों पर जीत हासिल की है. उमर अब्दुल्ला अपनी दोनों सीटें बडगाम और गांदरबल जीतने में कामयाब रहे. बडगाम में उमर को 36010 जबकि गांदरबल में 18193 वोट मिले.
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