साइक्लोन मिचौंग ने चेन्नई से लेकर ओडिशा तक खूब कहर बरपाया है. चेन्नई में इस कदर बारिश की गतिविधियां देखने को मिलीं कि सड़कें पानी-पानी हो गईं और जगह-जगह बाढ़ की स्थिति नजर आने लगी. वहीं, भारी बारिश और खराब मौसम के चलते तमिलनाडु में कुछ लोगों की जान भी चली गई. साइक्लोन मिचौंग का असर महाराष्ट्र के भी कुछ इलाकों में देखने को मिला है. महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी. अब ऐसे में सवाल उठता है कि क्या साइक्लोन मिचौंग का असर दिल्ली में भी देखने को मिलेगा?
दिल्ली में नहीं होगा मिचौंग का असर
मौसम विभाग की मानें तो साइक्लोन मिचौंग का देश की राजधानी नई दिल्ली में कोई असर नहीं होगा. मौसम विभग के डायरेक्टर जनरल मृत्युंजय महापात्रा का कहना है कि चक्रवातीय सिस्टम इतना मजबूत नहीं है कि दिल्ली और आस-पास के इलाकों में इसका कोई असर हो. मिचौंग की वज़ह से दिल्ली या उत्तरी भारत के किसी भी इलाके में बारिश नहीं होगी. हालांकि, हल्के से मध्यम कोहरा देखने को मिल सकता है.
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा उत्तर भारत का मौसम
चक्रवातीय स्थितियों के कारण दिल्ली में बारिश बेशक ना हो लेकिन उत्तर भारत में कोहरे का कहर अगले एक हफ्ते में दिखने की पूरी आशंका है. भारतीय मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक आर के जेनामनी की मानें तो पिछले दिनों उत्तरी भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहा था जिसकी वज़ह से दिल्ली और आस-पास के इलाकों में रविवार को बारिश भी हुई थी.
वो सिस्टम आगे बढ़कर नेपाल तो पहुंच गया है लेकिन नमी उत्तर भारत में बरकरार है, जिसकी वज़ह से अगले एक हफ्ते तक पंजाब से लेकर उत्तर प्रदेश में कोहरे की चेतावनी जारी की जा रही है, लेकिन बात सिर्फ कोहरे तक ही रहेगी क्योंकि अगले एक हफ्ते में दिल्ली में बारिश की संभावना न के बराबर है. तापमान भी लगभग सामान्य रहेगा यानि रात और सुबह में 10 डिग्री सेल्सियस तो वहीं दिन में 23 से 24 डिग्री तक तापमान बने रहने का अनुमान है.
कब होगी दिल्ली में अगली बारिश?
मौसम विभाग की मानें तो मौजूदा शुष्क मौसम लगभग एक हफ्ते तक बना रहेगा. 11 दिसंबर को एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस हिमालय के ऊपरी इलाकों में सक्रिय हो जाएगा, जिसकी वज़ह से 13 दिसंबर के आस-पास पूरे उत्तर भारत में बारिश का अनुमान जताया जा रहा है. बारिश होने के बाद एक बार फिर से तापमान में गिरावट होने की संभावना है.
वहीं, अगले कुछ दिनों तक कोहरे से सावधान रहना होगा और जैसे ही कोहरे से राहत मिलेगी बारिश भी उत्तर भारत का रुख करेगी. हालांकि, मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि इस साल भयंकर ठंड कम दिनों तक पड़ेगी क्योंकि अल-नीनो की वज़ह से अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है. शीतलहर और कोल्ड-डे कंडीशन में भी इस साल कमी दर्ज की जाएगी.
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