उत्तर प्रदेश के नोएडा के कई इलाकों में सोमवार को कर्मचारियों के प्रदर्शन के बाद हिंसा भड़क गई थी. नोएडा के फेज-2 इलाके में प्रदर्शन अब भी जारी है. एक कंपनी के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर कंपनी के बाहर धरना दिया है. इन कर्मचारियों की मुख्य मांगों में वेतन में बढ़ोतरी और दूसरी सुविधाएं शामिल हैं.
मौके पर हालात को कंट्रोल करने और शांति बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. पुलिस अधिकारी कर्मचारियों को समझाने और मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं.
नोएडा सेक्टर-63 से ग्राउंड रिपोर्ट सामने आई है, जहां आगजनी के निशान अभी भी मौजूद हैं. सड़क के किनारे जली हुई कारें मौजूद हैं और फैक्ट्री के शीशे टूटे हुए हैं. कंपाउंड के अंदर भी पत्थरबाजी और आगजनी हुई है.
नोएडा हिंसा मामले में पुलिस को एक ऑडियो क्लिप मिला है जिसकी जांच की जा रही है. ऑडियो में एक शख्स भीड़ को एकत्रित होने को बोल रहा है. लाठीचार्ज के बाद इकट्ठा होने की अपील का ऑडियो वायरल है. एक इंस्टाग्राम की चैट भी वायरल है जिसमें सभी लोगों से मिर्ची पाउडर लाने की बात की जा रही है. नोएडा पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने आज तक को बताया कि इन चैट्स और ऑडियो की जांच की जा रही है.
नोएडा में प्रोटस्ट को लेकर बनाई गई कमिटी ने कहा, 'हमें मजदूरों को भी बचाना है और उद्योग को भी बचाना है. मजदूरों और उद्योग वालों के बीच रास्ता निकाला जा रहा है ताकि किसी को नुकसान न हो. मजदूरों से बात हुई उन्होंने कहा कि हम काम करना चाहते हैं. हमने न्यूनतम रेट बढ़ा दिया है बाकी कंपनियों के अपने ऊपर है कि वो अपने वर्कर्स के लिए कितनी रेट बढ़ाए.'
नोएडा में हो रहे प्रोटेस्ट को लेकर यूपी डीजीपी ने हाई-लेवल मीटिंग बुलाई है. STF चीफ सहित पुलिस के आला अधिकारी हाई लेवल की मॉनिटरिंग कर रहे हैं.
नोएडा में प्रोटस्ट को लेकर बनाई गई कमिटी ने कहा, 'एक फेक खबर चली कि केंद्र सरकार सबको 20 हजार वेतन के आदेश दिए है. ये फेक सूचना हरियाणा से शुरू हुई जो एनसीआर में फैल गया, हमने कल बैठक की दोनों पक्षों को बुलाया. वर्कर्स ने कहा कि महंगाई बहुत बढ़ गई है लेकिन सैलरी नहीं बढ़ी है. पूरे प्रदेश के लिए एक फ्लैट रेट होता था. हर जगह कॉस्ट ऑफ लिविंग अलग अलग है. तीन कैटेगिरी बनाई गई है. ये नोएडा-गाजियाबाद के लिए है और अन्य जिलों के लिए अलग है.'
नोएडा पुलिस ने आज शहर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर जानकारी दी है. पुलिस ने बताया, सेक्टर-70, सेक्टर-121, गढ़ी चौखंडी और क्लियो काउंटी जैसे इलाकों में घरेलू सहायिकाओं (मेड) ने अपनी सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. फिलहाल स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है और कानून-व्यवस्था बनी हुई है. सुरक्षा के लिए सभी जगहों पर भारी पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारी तैनात हैं. पुलिस ने जनता से अपील की है कि वो किसी भी तरह की अफवाहों या गलत सूचनाओं पर भरोसा न करें और न ही उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करें. पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि माहौल बिगाड़ने या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
सब इंस्पेक्टर माता प्रसाद गुप्ता ने बताया, 'कुछ उपद्रवियों ने पत्थर फेंके. घर की सफाई का काम करने वाले लोग अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे. हमने उनसे बात की. कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया. इसी दौरान मुझे भी चोटें आईं. कुछ लोगों को पकड़ लिया गया है और उनसे आगे पूछताछ की जाएगी.'
नोएडा के सेक्टर-70 में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला है. इस दौरान पुलिस के आला अधिकारी और भारी संख्या में जवान सड़कों पर गश्त करते नजर आए.
नोएडा फेज- 2 में भी सैलरी बढ़ाने को लेकर प्रोटेस्ट जारी है. प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी 20 हजार की सैलरी की मांग पर अड़े हुए हैं. प्रदर्शनकारी '11 हजार में दम नहीं, 20 हजार से कम नहीं' के नारे लगा रहे हैं. इस दौरान जमकर पत्थरबाजी भी की गई.
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गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने सोमवार रात पत्रकारों को बताया कि बाहरी जिलों से आए एक ग्रुप ने पड़ोसी जिलों की सीमाओं पर हंगामा किया. उन्होंने कहा, 'मजदूरों के शांतिपूर्वक चले जाने के बाद, बाहर से आए इस समूह ने लोगों को उकसाया और हिंसा भड़काने की कोशिश की.' पुलिस ने इनमें से कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया है और बाकी की पहचान की जा रही है.
नोएडा में आहूजा फैक्ट्री के कर्मचारी फैक्ट्री के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं. कई मजदूर नई बढ़ोतरी पर सहमत नहीं है. कुछ मजदूर चाहते हैं सरकार के नए रेट कंपनी के मेन गेट पर नोटिस के रूप में लगाए जाए. मजदूरों का कहना है कि कंपनियों में कुशल और अकुशल कारीगरों का एक समान भत्ता हो. उनका आरोप है कि नौ महीनों में ही नौकरी टर्मिनेट करके दोबारा जॉइन कराई जाति है ताकि भत्ता ना बढ़ाना पड़े. अप्रेंटिस के दौरान 90 रुपए प्रति घंटे का भत्ता दिया जाता है लेकिन साल भर बाद घटकर 50 रुपए हो जाता है. मजदूरों की चिंता है अगर सरकारी भत्ता बढ़ाकर लागू किया गया तो कंपनियां कई मजदूरों को नौकरी से भी निकालेंगी.
नोएडा के सेक्टर 80 में भी मजदूरों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है. कुछ मजदूरों ने पुलिस पर पत्थरबाजी भी की है. पुलिस हालात को काबू करने की कोशिश कर रही है.
सोमवार को हुए जोरदार प्रदर्शन को लेकर पुलिस का दावा है कि कर्मचारियों के प्रदर्शन बंद करने के बाद कुछ 'बाहरी' लोगों ने अशांति फैलाने की कोशिश की. इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक 7 एफआईआर दर्ज की हैं और कई लोगों को हिरासत में भी लिया है.
नोएडा में सोमवार को हुई हिंसा के मामले में अब तक 350 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. सभी को जेल भेजा जा चुका है और कई से हिरासत में पूछताछ जारी है. पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही है. फिलहाल नोएडा में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.
जूते का सोल बनाने वाली SR यूनिवर्सल कपंनी के सिक्योरिटी इंचार्ज सत्यभान ने बताया कि करीब 1 बजे लोग आए. पहले उन्होंने बाहर सीसीटीवी तोड़ा, फिर कूद के अंदर आए. 400 से 500 लोगों की भीड़ थी. अंदर कार टूटी पड़ी है, रिसेप्शन एरिया टूटा हुआ है.
डीजीपी राजीव कृष्ण ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहारनपुर दौरे को ध्यान में रखते हुए एनसीआर से सहारनपुर तक सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है तथा संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.
नोएडा में कर्मचारियों के प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने 50 से ज्यादा संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट ढूंढे हैं. इनके जरिए भड़काऊ पोस्ट और भ्रामक सूचनाएं फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई. जांच में सामने आया है कि इनमें से कई अकाउंट पिछले 24 घंटे के भीतर ही बनाए गए थे. पूरे मामले की जांच एसटीएफ को सौंप दी गई है, जो इन अकाउंट्स के डिजिटल ट्रेल और गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही है.
नोएडा में कर्मचारियों का प्रदर्शन अब भी जारी है. वहीं, सोमवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद पूरे एनसीआर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है.