देश के सबसे बड़े मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम NEET का पेपर लीक हुआ या नहीं. इस सवाल पर गुरुवार को संसद की एक बड़ी कमेटी के सामने NTA यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के बड़े अफसरों को बुलाया गया. सूत्रों के अनुसार, वहां विपक्षी नेताओं ने जमकर सवाल पूछे. लेकिन NTA के अफसर एक भी सवाल का सीधा जवाब नहीं दे पाए.
संसद की एजुकेशन कमेटी यानी 'शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल की संसदीय स्थायी समिति' ने गुरुवार NTA के बड़े अफसरों को तलब किया. इस कमेटी के अध्यक्ष हैं कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह. NTA की तरफ से NTA चेयरमैन प्रदीप कुमार जोशी और NTA डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह शामिल हुए.
कमेटी में क्या-क्या हुआ?
NTA के DG अभिषेक सिंह ने कमेटी के सामने साफ कहा कि पेपर उनके सिस्टम से लीक नहीं हुआ. यानी NTA ने माना ही नहीं कि कोई पेपर लीक हुआ है. इस पर विपक्षी सांसदों ने तुरंत पलटकर सवाल किया कि अगर पेपर लीक नहीं हुआ, तो फिर एग्जाम कैंसिल क्यों किया गया. दोबारा एग्जाम की क्या जरूरत थी.
इस सवाल का NTA के DG के पास कोई जवाब नहीं था. उन्होंने बस इतना कहा कि CBI यानी सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन इस मामले की जांच कर रही है. जब तक CBI नहीं कहती कि पेपर लीक हुआ, तब तक वो इसे लीक नहीं मानेंगे.
NTA के अफसरों ने कहा कि कुछ 'गड़बड़ियां' सामने आई थीं और बच्चों का भरोसा बनाए रखने के लिए दोबारा एग्जाम कराया जा रहा है.
एनटीए चीफ अभिषेक सिंह और हायर एजुकेशन सेक्रेटरी ने बड़ा दावा किया. सुत्रों के मुताबिक अधिकारियों ने कमेटी के सामने साफ कहा कि नीट परीक्षा में कोई 'पेपर लीक' नहीं हुआ था. एनटीए चीफ अभिषेक सिंह ने समिति को बताया कि परीक्षा के दौरान कुछ सवाल बाहर जरूर आए थे, लेकिन इसे पूरा पेपर लीक नहीं माना जा सकता.
क्या है नीट 2026 पेपर लीक का मामला?
NEET UG 2026 परीक्षा 3 मई को हुई थी, लेकिन कुछ दिनों बाद पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद NTA ने परीक्षा रद्द कर दी. व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर वायरल PDF से मामला शुरू हुआ और बाद में CBI जांच में राजस्थान से महाराष्ट्र तक फैले नेटवर्क का खुलासा हुआ. अब दोबारा परीक्षा 21 जून को होगी.
CBI जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं. शुरुआती जांच में पता चला कि पेपर हाथ से लिखा गया था. आरोप है कि राजस्थान में एक अभ्यर्थी के पिता दिनेश बिवाल ने इसे स्कैन करके PDF बनाया और फिर यह कोचिंग नेटवर्क के जरिए फैलाया गया. CBI के मुताबिक छात्रों से 2 लाख से 5 लाख रुपये तक वसूले गए थे.
जांच में कई और लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें बॉटनी टीचर मनीषा मांधरे, कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगांवकर और राजस्थान के बिवाल परिवार के सदस्य शामिल हैं. मामला राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा और केरल तक फैले नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है.
अमित भारद्वाज / राहुल गौतम