देश का मिजाज: मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों से किसे फायदा, 39% बोले- उद्योगपतियों को

इंडिया टुडे और कार्वी इनसाइट्स की ओर से आयोजित मूड ऑफ द नेशन (MOTN) सर्वे में आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार से कितना किसे फायदा मिला, इसकी पड़ताल की गई. सर्वे के दौरान 39 फीसदी लोगों का मानना था कि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों से उद्योगपतियों को फायदा हुआ है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 जनवरी 2021,
  • अपडेटेड 9:10 AM IST
  • मोदी की नीतियों से उद्योगपति को फायदा
  • 11% ने माना- सिर्फ कारोबारियों को लाभ
  • 8 प्रतिशत बोले-छोटे उद्योगों को फायदा

केंद्र में मोदी सरकार 2.0 को डेढ़ साल से ज्यादा समय होने जा रहा है. इस दौरान, सरकार को आर्थिक मोर्चों पर तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ा. मोदी सरकार का दावा रहा है कि उसने लोगों के हित में कई नीतियां बनाई हैं. इंडिया टुडे और कार्वी इनसाइट्स की ओर से आयोजित मूड ऑफ द नेशन (MOTN) सर्वे में आर्थिक मोर्चे पर केंद्र सरकार से कितना किसे फायदा मिला, इसकी पड़ताल की गई. सर्वे के दौरान 39 फीसदी लोगों का मानना है कि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों से उद्योगपतियों को फायदा हुआ है.

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सर्वे में हिस्सा लेने वाले 29 फीसदी लोगों ने माना कि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों से छोटे और बड़े कारोबार दोनों को फायदा हुआ है. यह सर्वे 12232 लोगों के बीच किया गया जिनमें 11 फीसदी लोगों का कहना था कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों से सिर्फ कारोबारी लोगों को लाभ हुआ है जबकि वेतन भोगियों को कोई फायदा नहीं मिला है. 8 प्रतिशत लोगों ने माना कि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों से छोटे उद्योगों को फायदा हुआ है.

वहीं 8 फीसदी ऐसे लोग भी थे जिन्होंने माना कि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों से न छोटे और न ही बड़े कारोबार को फायदा हुआ है. 6 फीसदी लोगों ने सरकार की आर्थिक स्थितियों पर कहा कि वो कुछ बता नहीं सकते.

अर्थव्यवस्था पर पड़ी कोरोना की मार!

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हालांकि कोरोना काल में देश की अर्थव्यवस्था काफी प्रभावित हुई. मूड ऑफ द नेशन सर्वे के दौरान कोरोना वायरस ने आम आदमी की अर्थव्यवस्था को किस तरह से प्रभावित किया? इस सवाल पर हर तीन में से दो लोगों ने कहा कि आमदनी घट गई, मतलब 66 प्रतिशत लोगों ने कहा कि कोरोना ने उनकी आमदनी पर चोट की. 

सर्वे के नतीजे बताते हैं कि कोरोना की वजह से 19 फीसदी लोग नौकरी गंवा बैठे. 12 प्रतिशत लोगों ने कहा कि कुछ नहीं बदला. इस सर्वे में शामिल 66 फीसदी किसानों ने कहा कि उनकी आमदनी घट गई. 17 फीसदी किसानों ने कहा कि कोरोना संकट की वजह से जो खेती थी, वो भी खत्म हो गई. यानी बेरोजगार हो गए. वहीं 69% श्रमिकों ने कहा कि आय बिल्कुल घट गई. जबकि 21 फीसदी ने कहा कि कोरोना ने उन्हें बेरोजगार करके छोड़ दिया.

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मूड ऑफ द नेशन पोल में हिस्सा लेने वाले 85 फीसदी ने कहा है कि उनकी आर्थिक स्थिति कोरोना महामारी के कारण खराब हुई है. 66 फीसदी लोगों ने माना कि उनकी आमदनी कम हुई है. 19 फीसदी लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा. 

कितने लोगों ने सर्वे में लिया हिस्सा

'मूड ऑफ द नेशन' सर्वे में देशभर में कुल 12,232 लोगों ने हिस्सा लिया. इसमें से कुछ लोगों से फोन पर बात हुई तो कुछ से सीधे  फेस-टू-फेस सर्वे से जुड़े सवाल के जवाब लिए गए. यह सर्वे देश भर में 3 से 13 जनवरी 2021 के बीच हुआ था. 

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