ड्रग तस्करी के खिलाफ मिजोरम पुलिस का एक्शन जारी, 816 करोड़ की ड्रग जब्त

मिजोरम सरकार ड्रग तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है. जिसके तहत सरकार पिछले साल अप्रैल से लेकर अब 816 करोड़ रुपये की ड्रग जब्त कर चुकी है. साथ ही इससे जुड़े कई तस्करों को भी पकड़ चुकी है.

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मिजोरम में 800 करोड़ की ड्रग जब्त. (Photo: Representational ) मिजोरम में 800 करोड़ की ड्रग जब्त. (Photo: Representational )

aajtak.in

  • आइजोल,
  • 26 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:45 PM IST

मिजोरम के राज्यपाल (डॉ.) विजय कुमार सिंह ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास कर रही है. वहीं एक एजेंसी ने बताया कि राज्यपाल ने कहा कि है कि पिछले साल अप्रैल से अब तक 816 करोड़ रुपये की ड्रग्स और अन्य ऐसी चीजें जब्त की हैं. 

दरअसल गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस अवधि के दौरान 217 आपराधिक मामलों में 338 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. राज्यपाल ने कहा कि 17.8 करोड़ रुपये मूल्य की तस्करी की गई बर्मी सुपारी की एक बड़ी खेप भी जब्त की गई. राज्य पुलिस ने 42 हथियार और गोला-बारूद व मैगज़ीन का जखीरा भी जब्त किया है. 

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सिंह ने कहा कि ये कार्रवाई मिजोरम पुलिस की संगठित अपराध को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करती हैं. उन्होंने कहा कि राज्य के आबकारी और नारकोटिक्स विभाग ने भी 2025-26 वित्तीय वर्ष में 475 किलोग्राम विभिन्न ड्रग्स जब्त कीं और ड्रग्स से संबंधित मामलों में 611 अपराधियों को गिरफ्तार किया.

आबकारी विभाग द्वारा उठाए गए प्रवर्तन उपायों के परिणामस्वरूप, चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 1.69 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व उत्पन्न हुआ. जो निर्धारित वार्षिक लक्ष्य से अधिक है. ये परिणाम सरकार के कड़े कानूनों को लागू करने, नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने और राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवस्था की रक्षा करने के दृढ़ संकल्प को दर्शाते हैं.

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राज्य का प्रमुख कार्यक्रम 'बाना काइह' (हैंड होल्डिंग) योजना, जिसका उद्देश्य सरकार के समग्र दृष्टिकोण के माध्यम से नागरिकों को आवश्यक वित्तीय, तकनीकी, बुनियादी ढांचे और संस्थागत सहायता प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना है. अपने कार्यान्वयन के चरण-II में प्रवेश कर गया है. गवर्नर ने कहा कि लोन कंपोनेंट के तहत कई प्रोग्रेस पार्टनर्स (लाभार्थियों) को लोन दिया गया है और मुख्यमंत्री के स्पेशल पैकेज ग्रांट के तहत फाइनेंशियल मदद दी गई है.

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