कांग्रेस की पांच राज्यों में हुई करारी हार के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. CWC की बैठक में सोनिया गांधी के नेतृत्व में फिर भरोसा जरूर जताया गया है, लेकिन कपिल सिब्बल इससे इत्तेफाक नहीं रखते हैं. वे लीडरशिप में बदलाव की बात कर चुके हैं. अब राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने सिब्बल पर बड़ा हमला बोला है.
कांग्रेस में ही घिरे सिब्बल
उनकी नजरों में कपिल सिब्बल सिर्फ अपनी फ्रस्टेशन निकाल रहे हैं. वे कहते हैं कि कपिल सिब्बल कांग्रेस संस्कृति के व्यक्ति नहीं हैं. वे बहुत बड़े वकील हैं, देश के माने हुए वकील हैं, इसी वजह से उनकी कांग्रेस में एंट्री हुई थी. सोनिया गांधी के आशीर्वाद और राहुल गांधी के सहयोग से कपिल सिब्बल को बहुत चांस मिला है. केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिली, पार्टी के स्पोक्सपर्सन रहे. उनके मुंह से ऐसे अल्फाज निकलना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है.
इसके बाद गहलोत ने एक कदम आगे बढ़कर यहां तक कह दिया कि सिब्बल को कांग्रेस की एबीसीडी ही नहीं पता है. कपिल सिब्बल जी कांग्रेस का इतिहास भूल जाते हैं. गांधी परिवार का कोई भी सदस्य पिछले 30 साल में मंत्री, मुख्यमंत्री, सीएम या प्रधानमंत्री नहीं बना. पूरा देश जानता है कि कांग्रेस को यदि एकजुट रखना है तो गांधी परिवार के नेतृत्व में ही एकजुट रखा जा सकता है. कपिल सिब्बल तो फ्रस्ट्रेशन में बात करते हैं.
अधीर रंजन ने बताया एहसान फरामोश
अब कपिल सिब्बल पर हमला सिर्फ अशोक गहलोत की तरफ से नहीं किया गया. अधीर रंजन चौधरी ने भी उन पर जमकर तंज कसा. उन्होंने कहा कि सिब्बल आज सिब्बल इसलिए बने क्योंकि पीछे गांधी परिवार का सहयोग था. जब वो UPA -2 में मंत्री थे तब तो गांधी परिवार बहुत अच्छा लगता था. गांधी परिवार हमारे लिए सिर्फ़ परिवार नहीं है , गांधी परिवार हमारे लिए एक परिचय है, हमारी पहचान है.
अधीर रंजन के मुताबिक सिब्बल के बयान से सिर्फ बीजेपी खुश हो सकती है. उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर कपिल सिब्बल को ये लगे कि भाजपा को खुश करना उनका मक़सद है तो वे सीधा बीजेपी ज्वाइन कर लें. उन्हें शायद एक राज्य सभा का टिकट भी वहां से मिल जाए. अब अधीर रंजन का हमला यही पर नहीं रुका. उन्होंने सिब्बल को एक अवसरवादी करार दिया.
शरत कुमार / सुप्रिया भारद्वाज