'डाक सेवा-जन सेवा' जैसे नारे में दिखती थी पीयूष पांडे की क्रिएटिविटी, केंद्रीय मंत्री सिंधिया बोले- साधारण चीजों में फूंक देते थे जादू

Piyush Pandey Death Age 70: भारतीय विज्ञापन जगत की दुनिया में कहानी कहने की कला को नई परिभाषा देने वाले दिग्गज पद्मश्री पीयूष पांडे का गुरुवार को 70 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. उनकी रचनात्मक प्रतिभा ने कई ऐसे नारे और अभियान रचे, जो देश में हमेशा के लिए यादगार बन गए.

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पद्मश्री पीयूष पांडे का 70 वर्ष की आयु में निधन.(Photo:@JM_Scindia) पद्मश्री पीयूष पांडे का 70 वर्ष की आयु में निधन.(Photo:@JM_Scindia)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 12:42 PM IST

भारतीय विज्ञापन जगत के दिग्गज पीयूष पांडे के निधन पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गहरा शोक व्यक्त किया है. सिंधिया ने पांडे को रचनात्मक दूरदर्शी बताते हुए उन्हें भारतीय विज्ञापन जगत को आवाज और आत्मा देने वाली शख्सियत बताया. 

केंद्रीय संचार मंत्री ने पीयूष पांडे की रचनात्मक प्रतिभा को याद करते हुए उनके साथ अपने कार्य का अनुभव साझा किया. सिंधिया ने लिखा कि पीयूष पांडे की कहानी कहने की कला 'सच्ची और हृदयस्पर्शी' थी, जो कि साधारण चीजों में जादू फूंक देती थी और भारत की हर कहानी में भावनाओं को खोज लेती थी. 

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सिंधिया  ने वह समय याद किया जब उन्होंने डाक विभाग के लिए 'प्रोजेक्ट एरो' पर पीयूष पांडे के साथ काम किया था. सिंधिया के अनुसार, पांडे ने 'डाक सेवा-जन सेवा' नारा देकर एक साधारण विचार को मानवीय और यादगार बना दिया था.  

उन्होंने पीयूष पांडे की 'गर्मजोशी, बुद्धि और भारत के हृदय की समझ' को भी याद किया, जिसने उस अभियान को खास बना दिया था.

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस दुखद समय में उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं व्यक्त की हैं.  

राजनीति और फिल्म जगत की हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि
पीयूष पांडे के निधन पर उनके दोस्तों, राजनीतिक और विज्ञापन जगत की हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है.

सुहेल सेठ ने 'X' पर लिखा, "मेरे सबसे प्यारे दोस्त के निधन से बेहद दुखी और स्तब्ध हूं. भारत ने न केवल एक महान विज्ञापन दिमाग खोया है, बल्कि एक सच्चे देशभक्त और एक बेहतरीन सज्जन व्यक्ति को भी खोया है. अब स्वर्ग 'मिले सुर मेरा तुम्हारा' पर नाचेगा."

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यह भी पढ़ें: एड गुरु पीयूष पांडे का निधन, 'मिले सुर मेरा तुम्हारा' जैसे कई सफल विज्ञापन कैंपेन से जुड़े थे

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पास शब्द नहीं हैं. गोयल ने कहा कि पांडे की रचनात्मक प्रतिभा ने कहानी कहने की कला को नई परिभाषा दी. उन्होंने कहा कि वे एक ऐसे मित्र थे जिनकी प्रतिभा उनकी प्रामाणिकता, गर्मजोशी और बुद्धिमता से झलकती थी. उन्होंने इसे एक ऐसा गहरा शून्य बताया जिसे भरना मुश्किल होगा.

वहीं, फिल्म निर्माता हंसल मेहता और विज्ञापन जगत की अन्य जानी-मानी हस्तियों ने भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी.

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