सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो बहुत तेजी से लोगों का ध्यान खींच रहा है. वीडियो को देखकर रोंगटे खड़े हो सकते हैं. वायरल वीडियो में रेलवे के मजदूर 25 हजार वोल्ट (25 kV) की OHE (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) लाइन के बहुत करीब काम करते दिखाई दे रहे हैं. जिसमें सिर्फ एक सेकंड की लापरवाही से जिंदगी खत्म हो सकती है.
वीडियो में देखा जा सकता है कि मजदूरों के हाथ और टूल्स लाइन से सिर्फ कुछ इंच दूर हैं. वायरल वीडियो के कैप्शन में लिखा है – 'रोंगटे खड़े हो जाएंगे, एक सेकंड की लापरवाही मतलब जिंदगी खत्म, मौत का हाई लेवल खतरा है". वायरल वीडियो पर लोग कमेंट कर रहे हैं कि काम कर रहे मजदूरों की जान को इतना हाई लेवल खतरा है कि पल भर की लापरवाही से जान जा सकती है. लेकिन मजदूर बिना सेफ्टी के काम कर रहे हैं.
लोग इस वीडियो को देखकर मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं. कई लोग कह रहे हैं कि बिना सेफ्टी के इतना जोखिम भरा काम क्यों हो रहा है? अब भारतीय रेलवे ने इस वीडियो पर सफाई दी है. उत्तर रेलवे (Northern Railway) का कहना है कि यह वीडियो पुराना है. इसे अभी नए-नए तरीके से गलत दावों के साथ शेयर किया जा रहा है.रेलवे ने स्पष्ट किया है कि वीडियो को पुराना होने के बावजूद हाल का बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है.
रेलवे ने सभी से अपील की है कि भ्रामक, गलत या पुरानी जानकारी, फोटो या वीडियो को बार-बार शेयर न करें. ऐसा करना न सिर्फ लोगों में डर फैलाता है, बल्कि रेलवे की छवि को भी खराब करता है. रेलवे ने साथ ही चेतावनी भी दी कि ऐसे भ्रामक कंटेंट शेयर करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है.बता दें कि रेलवे ने पहले भी कई बार ऐसे पुराने या गलत वीडियो पर सफाई दी है.
OHE काम कितना खतरनाक होता है?
सच में OHE लाइन बहुत खतरनाक होती है. 25 kV की बिजली इतनी तेज होती है कि बिना छुए भी चिंगारी (आर्किंग) निकल सकती है और झुलसकर इंसान की मौत हो सकती है. रेलवे में ऐसे काम के लिए सख्त नियम हैं कि काम शुरू करने से पहले बिजली बंद की जाती है. "लाइन ब्लॉक" लिया जाता है, यानी उस समय ट्रेनें नहीं चलती हैं. मजदूरों को स्पेशल सेफ्टी गियर (जैसे इंसुलेटेड टूल्स, ग्लव्स, हेलमेट) दिए जाते हैं. सुपरवाइजर की निगरानी में काम होता है.
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