भारतीय सेना ने गणतंत्र दिवस से पहले जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) और इंटरनेशनल बॉर्डर पर सिक्योरिटी बढ़ा दी है. कठुआ, सांबा, राजौरी और पुंछ में सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया है. बीती रात भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश कर रहे करीब पांच ड्रोन देखे गए, जिन्हें सेना ने तुरंत नाकाम कर दिया.
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, मौजूदा वक्त में प्रदेश के अंदर 122 पाकिस्तानी और 9 स्थानीय सहित कुल 131 आतंकवादी एक्टिव हैं. इसी बीच पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में अमेरिका के साथ आतंकवाद विरोधी युद्धाभ्यास 'इंस्पायर्ड गैम्बिट 2026' शुरू हुआ है.
सीमा सुरक्षा बल ड्रोन के जरिए हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी रोकने के लिए हाई अलर्ट पर हैं. कानाचैक इलाके में सैटेलाइट फोन के जरिए पाकिस्तान की गई बातचीत पकड़े जाने के बाद सुरक्षा बलों ने वहां भी बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया है.
आतंकवादी नेटवर्क और जम्मू क्षेत्र में खतरा
सुरक्षा एजेंसियों के आकलन के मुताबिक, अकेले जम्मू इलाके में करीब 35 पाकिस्तानी आतंकवादी एक्टिव हैं. यह पीर पंजाल के दक्षिण में आतंकवाद को फिर से जिंदा करने की कोशिशों की तरफ इशारा करता है. भारतीय बल घुसपैठ रोधी और आतंकवाद विरोधी अभियानों को और तेज कर रहे हैं. ड्रोन आधारित गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है क्योंकि सीमा पार से लगातार हवाई घुसपैठ की कोशिशें हो रही हैं.
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पाक-अमेरिका ड्रिल और भारत की चिंता
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी केंद्र में अमेरिका के साथ संयुक्त अभ्यास चल रहा है. भारतीय सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान की वैश्विक आतंकवाद विरोधी बातों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है. भारत द्वारा आतंकी बुनियादी ढांचे पर किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पाकिस्तान अब वॉशिंगटन के साथ अपने संबंध सुधारने की कोशिश कर रहा है, जबकि आतंकी समूह वहीं से संचालित हो रहे हैं.
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सैटेलाइट फोन इंटरसेप्शन और सुरक्षा घेरा
सीमावर्ती कानाचैक इलाके में सैटेलाइट डिवाइस या फोन के जरिए पाकिस्तान को किए गए संचार को सुरक्षा बलों ने इंटरसेप्ट किया है. इसके तुरंत बाद पूरे इलाके को घेर कर तलाशी ली जा रही है. गणतंत्र दिवस को देखते हुए कठुआ से लेकर राजौरी तक पूरे बॉर्डर पर सुरक्षा ग्रिड को और मजबूत कर दिया गया है, जिससे किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.
शिवानी शर्मा / सुनील जी भट्ट