भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी 16 से 19 फरवरी तक ऑस्ट्रेलिया की आधिकारिक यात्रा पर जा रहे हैं. उनकी इस यात्रा का उद्देश्य भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा सहयोग को और मजबूत करना और दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देना है. जनरल द्विवेदी अपनी इस यात्रा के दौरान ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बलों के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठकें करेंगे.
इन बैठकों में ट्रेनिंग, जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज, कैपेसिटी बिल्डिंग जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग को और सुदृढ़ किया जा सके. सिडनी में जनरल उपेंद्र द्विवेदी ऑस्ट्रेलिया के फोर्सेज कमांड (FORCOMD), स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (SOCOMD) और सेकेंड डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे.
बता दें कि ऑस्ट्रेलियाई सेना के सेकेंड डिवीजन की टुकड़ियां भारत के साथ द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास ‘AUSTRAHIND’ में नियमित रूप से भाग लेती हैं, जिसका अगला संस्करण 2026 में भारत में प्रस्तावित है. ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा पहुंचने पर सेना प्रमुख को औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा. इसके बाद उनकी मुलाकात ऑस्ट्रेलियाई सेना प्रमुख साइमन स्टुअर्ट से होगी.
यह भी पढ़ें: '88 घंटे तक लहर की तरह चला ऑपरेशन सिंदूर', आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी ने बताई पूरी कहानी
दोनों वरिष्ठ अधिकारी यूएस आर्मी वॉर कॉलेज के 2015 बैच के पूर्व छात्र हैं और उनके बीच मजबूत पेशेवर संबंध माने जाते हैं. इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मुख्यालय में रक्षा सहयोग, आधुनिकीकरण और भविष्य की सैन्य क्षमताओं पर एक विस्तृत राउंडटेबल चर्चा आयोजित की जाएगी. अपनी यात्रा के दौरान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ऑस्ट्रेलियन डिफेंस कॉलेज के कमांडर से भी मुलाकात करेंगे और ऑस्ट्रेलियन कमांड एंड स्टाफ कॉलेज में अधिकारियों को संबोधित करेंगे.
इसके अलावा, वह ऑस्ट्रेलिया के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स और रक्षा विभाग के सचिव से भी मुलाकात करेंगे और जॉइंट ऑपरेशंस कमांड मुख्यालय का दौरा कर मल्टी-डोमेन और इंटीग्रेटेड मिलिट्री ऑपरेशन की जानकारी प्राप्त करेंगे. जनरल उपेंद्र द्विवेदी ऑस्ट्रेलियन वॉर मेमोरियल में शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और ऑस्ट्रेलिया में रह रहे पूर्व भारतीय सैनिकों से भी मुलाकात करेंगे. उनकी यह यात्रा इंडो-पैसिफिक रीजन में शांति, स्थिरता और सुरक्षा के लिए भारत-ऑस्ट्रेलिया की साझा प्रतिबद्धता को और मजबूती देगी.
मंजीत नेगी