11 अप्रैल से बागडोगरा हवाई अड्डे पर उड़ान सेवाएं बंद थीं. लेकिन 26 अप्रैल से यह हवाई अड्डा एक बार फिर से शुरू कर दिया गया है. यहां भारतीय वायु सेना द्वारा रनवे की मरम्मत (resurfacing) का काम किया गया है. रनवे का काम पूरा होने के बाद, हवाई अड्डे पर उड़ानें फिर शुरू कर दी गई हैं. यहां पहला विमान मंगलवार सुबह करीब 8 बजे उतरा था.
रनवे के सेंट्रल बिटुमिनस हिस्से पर री-सरफेसिंग का काम तय समय पर पूरा हुआ. रनवे पर तीन लचीली (बिटुमिनस) परतों को बिछाने, नॉन-लोड बियरिंग सतहों के पुनर्निर्माण के लिए रनवे को दो सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया था. मरम्मत के काम में, अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन ((ICAO) के मानकों के आधार पर, रनवे के हर छोर पर कंक्रीट के हिस्से का पुनर्निर्माण और टैक्सी ट्रैक और लिंक को चौड़ा करने का काम शामिल था.
इस काम की जिम्मेदारी, एजेंसी के तौर पर सीमा सड़क संगठन-Border Roads Organisation (BRO) ने ली थी. एयरलाइंस और यात्रियों को इस मरम्मत कार्य में कम से कम असुविधा हो, इसे ध्यान में रखते हुए काम को तेजी से पूरा किया गया था.
बागडोगरा पश्चिम बंगाल का दूसरा सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है और भारतीय वायुसेना के हवाई क्षेत्र से जुड़े सिविल टर्मिनल के साथ, यह एक ज्वाइंट यूज़र इंटरनेशनल एयरपोर्ट है. IAF के समय पर काम पूरा होने से, करीब 8000 हवाई यात्री हर दिन बागडोगरा से देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए उड़ान भर सकेंगे.
बागडोगरा हवाई क्षेत्र न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए मुख्य अंतरराष्ट्रीय केंद्र भी है. दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी को देश और दुनिया के बाकी हिस्सों से जोड़ने के लिए, यह एयरपोर्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
मंजीत नेगी