इंडिया टुडे कॉन्क्लेव ईस्ट 2021 में पूर्व सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने कहा कि पिछले साल चीन के साथ स्थिति बेहद तनावपूर्ण रही थी, और अब डिसइंगेजमेंट एक अच्छी शुरुआत है. हालांकि पूर्व सेना प्रमुख ने यह भी कहा कि सामरिक समझौते को लेकर चीन का रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है. हमें सावधान रहना होगा.
पूर्व सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने कहा कि चीन के साथ समझौता एक अच्छी शुरुआत है और हमें इस शुरुआत को बनाए रखना होगा. हालांकि चीन का ट्रैक रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है. उन्होंने कई बार समझौते से जुड़े प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है. सामरिक समझौतों पर चीन का रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है इसलिए हमें सतर्क रहना होगा.
चीन पर भरोसा नहीं कर सकतेः जनरल बिक्रम सिंह
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव ईस्ट 2021 में पूर्व सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने कहा कि पिछला साल बेहद संकटपूर्ण रहा है. लंबे समय बाद ऐसा पहली बार है जब हमने चीन की आंख में आंख मिलाकर देखा, लेकिन चीन पर भरोसा नहीं कर सकते.
जनरल बिक्रम सिंह ने कहा कि चीनी का ट्रैक रिकॉर्ड खराब रहा है. उन्होंने लगातार प्रोटोकॉल और विश्वास बहाली की कोशिशों को खराब किया है. चीनी के खराब ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए हमें बहुत सतर्क रहने की जरूरत है. PLA का नेतृत्व बहुत खराब है.
कॉन्क्लेव में जनरल बिक्रम सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा, 'लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC), एक्चुअल लाइन नहीं है. दोनों तरफ से इसे लेकर अलग-अलग धारणाएं हैं. हमें यह समझना होगा कि चीनी की ओर से फिंगर 4 में आने के संदर्भ में हमें चुनौती दी गई थी. सच्चाई यही है कि हम नेतृत्व और राजनीतिक तथा सैन्य नेतृत्व की वजह से पीछे हट रहे हैं. यह सैन्य नेतृत्व के लिए बेहद ही चुनौतीपूर्ण कार्य रहा है.'
कांग्रेस ने सच्चाई को छुपायाः बीजेपी सांसद
इटली और रोमानिया में भारत के पूर्व राजदूत राजीव डोगरा ने कहा कि चीन ऐसा देश है जो जिस क्षेत्र पर कब्जा कर लेता है उसे कभी नहीं छोड़ता.
भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सांसद तापिर गाओ ने कहा कि भारत चीन को काफी टेस्ट कर चुका है. पंडित नेहरू के दौर से हम टेस्ट कर रहे हैं.
चीन के साथ तनावपूर्ण संबंधों को लेकर बीजेपी सांसद गाओ ने कांग्रेस पर हमला किया. उन्होंने कहा कि पार्टी ने हमेशा सच्चाई को छुपाया है जबकि बीजेपी ने नहीं. उन्होंने कहा कि बीजेपी के पीछे की सच्चाई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी कुछ छिपाया नहीं. चाहे वह पैंगोंग लेक हो या गालवान घाटी हो. मोदी के सत्ता में आने के बाद, सेना को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अभ्यास करने का अधिकार दिया गया.
संसद में राजनाथ सिंह ने किया ऐलान
इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज गुरुवार को राज्यसभा में ऐलान किया कि भारत-चीन पूर्वी लद्दाख में जारी विवाद को खत्म करने पर सहमत हो गए हैं. दोनों ही देश की सेनाएं पैंगोंग लेक के नॉर्थ-साउथ इलाके से अपनी-अपनी सेनाओं को पीछे हटाएंगे.
राज्यसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जब दोनों सेनाएं पूरी तरह से हट जाएंगी, उसके बाद भी 48 घंटे के भीतर दोनों देशों के बीच बैठक होगी. चीन अपनी सेना की टुकड़ी को नॉर्थ बैंक में फिंगर 8 के पूर्व में रखेगा, जबकि भारत फिंगर 3 के पास अपने परमानेंट बेस पर रखेगा. ऐसा ही साउथ बैंक के पास भी किया जाएगा. अप्रैल 2020 के बाद दोनों देशों ने नॉर्थ और साउथ बैंक पर जो निर्माण कार्य किया है, उसे हटाया जाएगा. हाल के कुछ वक्त के लिए अस्थायी स्तर पर पेट्रोलिंग को खत्म कर दिया गया है.
पिछले साल अप्रैल में शुरू हुए सीमा विवाद की वजह से लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही. हजारों की संख्या में जवानों की तैनाती हुई, संघर्ष भी हुआ और यहां तक की गोली भी चली. लेकिन आखिरकार भारत और चीन दोनों ही इस सहमति पर पहुंचे हैं कि इस विवाद को खत्म किया जाए.
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