भारत में आयोजित तीन दिवसीय इंडिया इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट 2026 का समापन दिल्ली घोषणापत्र 2026 को अपनाने के साथ हुआ. इस सम्मेलन में 60 से अधिक लोकतांत्रिक देशों ने मतदाता सूची सुधार के लिए भारत की SIR प्रक्रिया को अपनाने पर सहमति जताई है. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस प्रक्रिया को मतदाता सूची शुद्धि का व्यावहारिक तरीका बताया. सम्मेलन में वैश्विक चुनाव प्रबंधन को मजबूत करने के लिए तकनीकी सहयोग, ट्रेनिंग और पारदर्शिता पर भी जोर दिया गया. ईसीआईनेट डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ भी हुआ. दिसंबर 2026 में प्रगति समीक्षा के लिए पुनः बैठक प्रस्तावित है.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने इंडिया इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट पर तीन दिनों के सम्मेलन के समापन सत्र में कहा, भारत में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision- SIR) प्रक्रिया मतदाता सूची को शुद्ध करने का सबसे व्यावहारिक तरीका है.
60 देशों ने स्वीकार किया प्रस्ताव
उन्होंने सम्मेलन में प्रस्ताव रखा कि इस तरीके से मतदाता सूची को अधिकतम शुद्ध किया जा सकता है. उन्होंने पूछा कि क्या इस परिष्कार प्रक्रिया को यहां मौजूद देश अमल करना चाहेंगे. इसके बाद इस प्रस्ताव पर ध्वनि मत से पांच दर्जन से अधिक लोकतांत्रिक देशों ने सहमति जताई और इसे अपनाने पर राजी हो गए.
लोकतंत्र के साथ स्तंभ
सीईसी ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव के कम से कम सात अहम स्तंभ हैं. इसमें योग्य वोटर को सूची में शामिल करना, स्वतंत्र निष्पक्ष और सर्व समावेशी चुनाव करवाना, वोटर को सब कुछ समझाते हुए जागरूक रखना. इसके लिए वक्त-वक्त पर रिपोर्ट बना कर प्रकाशित करना और जनता तक पहुंचाना, वोटर की सुरक्षा और सुविधा के लिए अत्याधुनिक तकनीकी सुविधा मुहैया कराना, उनको इंटरनेट पर मौजूद मिस इन्फॉर्मेशन की बाढ़ से जागरूक रखते हुए बचाना, ट्रेनिंग सिस्टम को मजबूत और सतत रखना, यानी चुनाव टीम की क्षमता बढ़ाए और बनाए रखना शामिल है.
उन्होंने कहा कि हमने इन सभी मुद्दों पर तीन दिनों में सकारात्मक चर्चा हुई और प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित किए गए. सम्मेलन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी मौजूद रहे. 42 निर्वाचन प्रबंधन निकायों (ईएमबी) के प्रमुख, 70 से अधिक राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञ, वरिष्ठ अधिकारी तथा 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी शामिल हुए.
दिल्ली घोषणापत्र को मिली मंजूरी
सम्मेलन के दौरान 'दिल्ली घोषणापत्र 2026' को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया, जिसमें मतदाता सूची की शुद्धता और तकनीक के उपयोग पर विशेष प्रतिबद्धता जताई गई. इसी कार्यक्रम में एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘ईसीआईनेट’ (ECINET) का भी शुभारंभ किया गया.
निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि ये प्लेटफॉर्म तकनीक पर विश्वास बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. सभी भागीदार देशों ने संकल्प लिया कि वे चुनाव प्रक्रिया संचालन में पारदर्शी प्रथाओं का आदान-प्रदान करेंगे.
वैश्विक सहयोगी की नई मिसाल
निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू ने कहा कि ये सम्मेलन वैश्विक चुनावी समुदाय की परिपक्वता को दर्शाता है फुल स्टॉप तीन दिनों के अंदर 40 से अधिक द्विपक्षीय बैठकें आयोजित की गईं, जिससे देशों के बीच आपसी सहयोग की समझ विकसित हुई. इस बड़े आयोजन में 27 देशों के मिशन प्रमुखों सहित लगभग 1,000 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. अब सभी देशों ने प्रगति की समीक्षा करने के लिए दिसंबर 2026 में दोबारा नई दिल्ली में बैठक करने का प्रस्ताव रखा है.
ट्रेनिंग पर बनी सहमति
सम्मेलन में विश्व के लोकतंत्रों पर एक सह-संकलित वैश्विक विश्वकोश तैयार करने का भी फैसला लिया गया. इसके तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न विषयों पर व्यापक रिपोर्ट प्रकाशित की जाएगी. भारतीय अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं चुनाव प्रबंधन संस्थान (IIIDEM) के माध्यम से अन्य देशों के चुनाव अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी. इससे न केवल भारत की निर्वाचन प्रणाली का वैश्विक विस्तार होगा, बल्कि दुनिया भर में चुनावी शुद्धता और मतदान की गुणवत्ता में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा.
संजय शर्मा