भारत 26 जनवरी, 2026 को 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा, जिसमें सैन्य शक्ति का भव्य प्रदर्शन होगा. परेड में तीनों सेनाओं की मार्चिंग टुकड़ियां, मिसाइलें और स्वदेशी हथियार प्रणालियां शामिल होंगी. यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि होंगे. इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह से जुड़े सभी औपचारिक कार्यक्रमों की अगुवाई भारतीय वायुसेना कर रही है. वायुसेना की मार्चिंग टुकड़ी में 144 युवा एयर वॉरियर्स शामिल होंगे, जिन्हें उनके उत्कृष्ट सैन्य अनुशासन के लिए चुना गया है. इस टुकड़ी का नेतृत्व स्क्वाड्रन लीडर जगदेश कुमार करेंगे, जबकि स्क्वाड्रन लीडर निकिता चौधरी, फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रखर चंद्राकर और फ्लाइट लेफ्टिनेंट दिनेश सुपरन्यूमरेरी अधिकारी के रूप में शामिल होंगे.
गणतंत्र दिवस पर इस बार भारतीय वायुसेना के फ्लाईपास्ट में 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम का स्पेशल फॉर्मेशन शामिल होगा. इस फॉर्मेशन में राफेल, सुखोई-30, जगुआर और मिग-29 फाइटर जेट्स हिस्सा लेंगे. यह फॉर्मेशन पिछले वर्ष मई में पाकिस्तान के साथ चार दिन तक चले सैन्य संघर्ष के दौरान भारतीय वायुसेना के प्रभुत्व का सशक्त प्रतीक होगा. अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि फ्लाईपास्ट में कुल 29 विमान शामिल होंगे, जिनमें 16 लड़ाकू विमान, 9 हेलीकॉप्टर और 4 ट्रांसपोर्टर होंगे. ये सभी छह अलग-अलग एयरबेस से संचालित होंगे. फ्लाईपास्ट के दौरान ऑपरेशन सिंदूर, ध्वज, प्रहार, गरुड़, अर्जन, वरुण और वजरंग जैसी विभिन्न फॉर्मेशन प्रदर्शित की जाएंगी.
इस अवसर पर ऑपरेशन सिंदूर का ध्वज भी प्रदर्शित किया जाएगा, जो 7 से 10 मई के बीच पाकिस्तान के खिलाफ भारत की तीनों सेनाओं के संयुक्त सैन्य अभियान की याद दिलाएगा. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ फॉर्मेशन में दो राफेल, दो मिग-29, दो सुखोई-30 और एक जगुआर विमान शामिल होंगे. ये सभी विमान ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा रहे थे. इसके अलावा सी-130 और सी-295 ट्रांसपोर्टर, इंडियन नेवी का पी-8आई विमान, एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) एमके-IV, भारतीय सेना का एएलएच (वेपन सिस्टम इंटीग्रेशन वर्जन), अपाचे और लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) भी फ्लाईपास्ट में शामिल होंगे.
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फ्लाईपास्ट में ऑपरेशन सिंदूर वाला फॉर्मेशन
अधिकारियों ने बताया कि फ्लाईपास्ट में ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित एक विशेष और विशाल फॉर्मेशन भी प्रदर्शित की जाएगी. पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसके तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और उसके अन्य इलाकों में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए गए थे. इन हमलों के बाद दोनों देशों के बीच चार दिनों तक तीव्र संघर्ष चला, जो 10 मई की शाम को संघर्ष विराम पर सहमति के साथ समाप्त हुआ. पाकिस्तानी सेना के डीजीएमओ ने अपने भारतीय समकक्ष से हॉटलाइन पर संषर्घ विराम की गुहार लगाई थी.
वायुसेना बैंड, जिसका नेतृत्व सार्जेंट चार्ल्स एंटनी डेनियल करेंगे, मार्चिंग टुकड़ी का समर्थन करेगा. बैंड में 72 चयनित संगीतकार शामिल होंगे, जिनमें 57 अग्निवीरवायु और नौ महिला अग्निवीरवायु (जिन्हें पहली बार शामिल किया जा रहा है) होंगी. राष्ट्रपति मंच के सामने से गुजरते समय बैंड 'साउंड बैरियर' धुन प्रस्तुत करेगा. इस वर्ष की परेड का एक और प्रमुख आकर्षण 'संग्राम से राष्ट्र निर्माण तक' थीम पर आधारित पूर्व सैनिकों की झांकी होगी. झांकी के अग्र भाग में अमर जवान ज्योति और ऐतिहासिक युद्ध उपकरणों के थ्री-डी मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे, जिनमें टी-55 और विजयंत टैंक, मिग-21, मिराज और जगुआर विमान, आईएनएस मैसूर और आईएनएस राजपूत शामिल हैं.
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इस बार कर्तव्य पथ पर निकलेंगी 30 झांकियां
इसमें 1965, 1971 के युद्धों और 1999 के कारगिल ऑपरेशन विजय का भी चित्रण होगा. झांकी का पिछला भाग राष्ट्र निर्माण में पूर्व सैनिकों की भूमिका को दर्शाएगा, जिसमें बाढ़ राहत, चिकित्सा सेवाएं, शिक्षा और ‘मेक इन इंडिया’ पहल में उनके योगदान को दिखाया जाएगा. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 26 जनवरी, 2026 को कर्तव्य पथ पर कुल 30 झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी, जिनमें 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 13 मंत्रालयों/विभागों/सेवाओं की झांकियां शामिल होंगी. ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ थीम के तहत ये झांकियां ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष और देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करेंगी.
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