'हम तो आपके सामने हैं...', हेमंत से बगावत के सवाल पर बोले पूर्व सीएम चंपई सोरेन

चंपई सोरेन ने पत्रकारों के सवाल पर मुस्कुराते हुए सिर्फ इतना कहा, "आप लोग ऐसा सवाल कर रहे हैं पर, इस पर क्या बोलें, हम तो आपके सामने हैं." इतना बोलते ही वह गाड़ी में बैठ गए. बता दें कि, हेमंत सोरेन के जेल से वापस आने के बाद चंपई सोरेन को सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था. इसके बाद से ही उनके नाराज होने की चर्चा उठती रही है.

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पूर्व सीएम चंपई सोरेन पूर्व सीएम चंपई सोरेन

सत्यजीत कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 16 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 6:57 AM IST

झारखंड में विधानसभा चुनाव का माहौल बनने लगा है, लेकिन इससे पहले राज्य में शुक्रवार को सियासी हलचल तेज हो गई. खबरें सामने आईं कि पूर्व सीएम चंपई सोरेन, हेमंत सोरेन और पार्टी के साथ बगावत करने वाले हैं. खबरें आईं कि चंपई सोरेन दिल्ली में बीजेपी शीर्ष नेतृत्व से मिलने पहुंचे हुए हैं और झारखंड में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य से पूर्व सीएम और जेएमएम नेता चंपई सोरेन के बीजेपी में जाने की अटकलें तेज हैं. इन चर्चाओं के बीच शुक्रवार को जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने खुद जवाब दिया है.

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क्या बोले चंपई सोरेन?
चंपई सोरेन ने पत्रकारों के सवाल पर मुस्कुराते हुए सिर्फ इतना कहा, "आप लोग ऐसा सवाल कर रहे हैं पर, इस पर क्या बोलें, हम तो आपके सामने हैं." इतना बोलते ही वह गाड़ी में बैठ गए. बता दें कि, हेमंत सोरेन के जेल से वापस आने के बाद चंपई सोरेन को सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था. इसके बाद से ही उनके नाराज होने की चर्चा उठती रही है.

जुलाई में चंपई सोरेन ने दिया था इस्तीफा
बता दें कि झारखंड में चंपई सोरेन ने बीते महीने जुलाई में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया था और हेमंत सोरेन एक बार फिर झारखंड के सीएम बन गए थे. चंपई सोरेन 2 फरवरी 2024 से 3 जुलाई 2024 तक झारखंड के मुख्यमंत्री रहे और राज्य के सातवें सीएम के रूप में रहे. चंपई सोरेन की गिनती झामुमो के सीनियर नेताओं में होती है.

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सात बार के विधायक हैं. 2005 से वो लगातार सरायकेला विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. 1991 में पहली बार सरायकेला सीट से ही विधायक बने थे. हेमंत सोरेन ने 2019 में चंपई सोरेन को कैबिनेट मंत्री भी बनाया था. उन्हें परिवहन, अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण का जिम्मा दिया गया था.

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