राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कड़ाके की सर्दी के बीच गणतंत्र दिवस के भव्य आयोजन की तैयारियां भी जोरों पर है. गणतंत्र दिवस के मौके पर होने वाली परेड के लिए मेहमानों को निमंत्रण भेजे जा चुके हैं. इस आयोजन को भव्य रूप में देने के लिए दिल्ली में रहने वाले हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के 50-50 दंपति को गणतंत्र दिवस परेड का न्योता भेजा गया है.
इस बार सरकार ने देशभर से 400 आदिवासियों को भी गणतंत्र दिवस परेड देखने के लिए निमंत्रण दिया है. गृह मंत्रालय की ओर से देशभर से करीब 400 आदिवासियों को गणतंत्र दिवस परेड देखने के लिए आमंत्रित किए जाने को लेकर आदेश जारी किया गया है. इसके मुताबिक दर्शक दीर्घा में विविधता की झलक और अधिक निखरकर सामने आएगी.
गृह मंत्रालय ने अपने आदेश में ये भी कहा है कि देश के दूर-दराज़ के जंगली और पहाड़ी इलाकों के साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों से आने वाले स्वदेशी समुदायों (आदिवासी) के प्रतिनिधियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का अवसर भी दिया जाएगा. यह 400 अतिथि भी 5000 विशेष अतिथियों के साथ परेड देखेंगे.
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इसके अलावा, दिल्ली में रहने वाले प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के 50-50 दंपति को भी गणतंत्र परेड देखने के लिए आमंत्रित किया गया है, जो अपनी पारंपरिक वेशभूषा में परेड के गवाह बनेंगे. कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड में राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के विभागों की ओर से इस बार कुल 30 झांकियां शामिल होंगी. आम जनता भी पॉपुलर चॉइस कैटेगरी में अपनी पसंदीदा झांकी और परेड करने वाली टुकड़ी के लिए MyGov प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन वोटिंग के जरिये अपना मत दे सकती है.
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नदियों के नाम पर दर्शक दीर्घा
गणतंत्र दिवस परेड के लिए दर्शक दीर्घा के नाम देश की प्रमुख नदियों के नाम पर रखे गए हैं. जिन नदियों के नाम पर दर्शक दीर्घा के नामकरण किए गए हैं, उनमें ब्यास, ब्रह्मपुत्र, चंबल, चिनाब, गंगा, गोदावरी, कृष्णा, नर्मदा, यमुना जैसी प्रमुख नदियां शामिल हैं. ‘बीटिंग द रिट्रीट’ के लिए दर्शक दीर्घा के नाम बांसुरी, मृदंगम, सितार, सरोद और वीणा के नाम पर होंगे.
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