कर्नाटक में बेंगलुरु ग्रामीण जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां तीन दिन से लापता कक्षा नौ के छात्र का शव कनकपुरा रोड के पास एक कंस्ट्रक्शन साइट से बरामद किया गया. मृतक छात्र की पहचान प्रीतम के रूप में हुई है. आशंका जताई जा रही है कि वह BWSSB (बेंगलुरु वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड) की पाइपलाइन परियोजना के तहत बनाए गए एक खुले कंक्रीट चैंबर में गिर गया था.
29 जनवरी को लापता हुआ था किशोर
जानकारी के अनुसार, प्रीतम 29 जनवरी को घर से निकला था, जिसके बाद वह लापता हो गया. परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो कागलीपुरा पुलिस थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई. पुलिस ने उसी समय एफआईआर दर्ज कर तलाश शुरू कर दी थी.
कंस्ट्रक्शन साइट से तेज बदबू
तीन दिन बाद एक कंस्ट्रक्शन साइट से तेज दुर्गंध आने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई. उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने निर्माणाधीन कंक्रीट चैंबर की जांच की, जहां से प्रीतम का शव बरामद किया गया. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
परिजनों का आरोप है कि BWSSB द्वारा किए जा रहे पाइपलाइन कार्य में गंभीर लापरवाही बरती गई. उनका कहना है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे. न तो खुले चैंबर को ढका गया था और न ही कोई चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग लगाई गई थी, जिससे यह हादसा हुआ.
BWSSB की लापरवाही?
परिवार ने इस मामले में BWSSB की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. बेंगलुरु ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किसकी लापरवाही थी.
इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश है और वे निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपायों को अनिवार्य किए जाने की मांग कर रहे हैं. फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी हुई है.
सगाय राज