बीजेपी मुख्यालय में नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहद भावुक और राजनीतिक रूप से अहम संबोधन दिया. पीएम मोदी ने नितिन नबीन को बीजेपी का 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर बधाई दी और साफ शब्दों में कहा कि पार्टी में पद नहीं, बल्कि कार्यकर्ता भावना सबसे ऊपर है.
पीएम ने यह भी कहा कि अब नितिन नबीन सिर्फ बीजेपी ही नहीं, बल्कि पूरे एनडीए के समन्वय की जिम्मेदारी निभाएंगे. अपने लंबे भाषण में पीएम मोदी ने संगठन की परंपरा, सुशासन मॉडल, महिलाओं और गरीबों से जुड़ी योजनाओं, नॉर्थ ईस्ट, और आने वाले 25 वर्षों के विजन पर विस्तार से बात रखी. उन्होंने कहा, "नितिन नबीन जी मेरे बॉस हैं और मैं कार्यकर्ता हूं."
1. नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर बधाई
पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत नितिन नबीन को बधाई देकर की. उन्होंने कहा, "विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक दल के अध्यक्ष चुने जाने पर नितिन नबीन को हार्दिक बधाई. पीएम ने यह भी कहा कि संगठन पर्व से लेकर अध्यक्ष चुनाव तक की पूरी प्रक्रिया "शत-प्रतिशत लोकतांत्रिक" रही.
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2. 'नितिन नबीन मेरे बॉस हैं, मैं कार्यकर्ता हूं'
पीएम मोदी का यह बयान पूरे कार्यक्रम का सबसे अहम पल रहा. उन्होंने कहा, "जब पार्टी की बात होती है तो नितिन नबीन जी मेरे बॉस हैं और मैं उनका कार्यकर्ता हूं." इस बयान के जरिए पीएम ने बीजेपी की कार्यकर्ता-प्रधान संस्कृति को रेखांकित किया.
3. नबीन की जिम्मेदारी सिर्फ बीजेपी तक सीमित नहीं
पीएम मोदी ने साफ किया कि नितिन नबीन की भूमिका सिर्फ पार्टी अध्यक्ष तक सीमित नहीं रहेगी. उन्होंने कहा, "अब नितिन नबीन जी हम सभी के अध्यक्ष हैं और उनका दायित्व एनडीए के सभी साथियों के बीच तालमेल का भी है."
4. प्रधानमंत्री से पहले पार्टी का कार्यकर्ता होना गर्व
पीएम मोदी ने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा, "लोग सोचते होंगे कि तीन बार प्रधानमंत्री बनना बड़ी बात है, लेकिन मेरे जीवन का सबसे बड़ा गर्व यह है कि मैं बीजेपी का कार्यकर्ता हूं." उन्होंने कहा कि यही भावना पार्टी को बाकी दलों से अलग बनाती है.
5. नितिन नबीन को 'मिलेनियल लीडर' बताया
पीएम मोदी ने नितिन नबीन को युवा और अनुभवी नेतृत्व का संगम बताया. उन्होंने कहा, "नितिन जी उस पीढ़ी से हैं जिन्होंने बचपन में रेडियो पर खबरें सुनीं और आज एआई का इस्तेमाल करते हैं." पीएम ने कहा कि उनमें युवा ऊर्जा और संगठन का लंबा अनुभव दोनों मौजूद हैं.
6. बीजेपी पद से नहीं, प्रक्रिया से चलती है
पीएम मोदी ने संगठन की परंपरा पर जोर देते हुए कहा, "बीजेपी प्रक्रिया से चलती है, पद से नहीं. हमारे अध्यक्ष बदलते हैं, लेकिन हमारे विचार और दिशा नहीं बदलते." उन्होंने कहा, "हमारे यहां पदभार एक व्यवस्था, कार्यभार जीवनभर की जिम्मेदारी है."
7. शून्य से शिखर तक बीजेपी का सफर
पीएम ने पार्टी के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी, आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, वेंकैया नायडू, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह, अमित शाह और जेपी नड्डा जैसे नेताओं ने बीजेपी को मजबूत किया. उन्होंने कहा, "राजनाथ जी के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण बहुमत मिला और अमित शाह के नेतृत्व में पार्टी कई राज्यों में सत्ता में आई."
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8. बीजेपी अब सिर्फ आंदोलन की नहीं, सुशासन की पार्टी
पीएम मोदी ने कहा कि देश ने कई मॉडल देखे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा, "वंशवाद की राजनीति, अस्थिर सरकारें और क्षेत्रीय प्रयोग देखे गए, लेकिन आज देश बीजेपी के स्थिरता और विकास मॉडल को देख रहा है."
9. संवेदनशील राजनीति का उदाहरण बताया
पीएम मोदी ने नॉर्थ ईस्ट, जल जीवन मिशन, उज्ज्वला योजना और 'लखपति दीदी' अभियान का जिक्र किया. उन्होंने कहा, "हमने सत्ता को सुख का साधन नहीं, सेवा का माध्यम बनाया." पीएम ने कहा कि बीजेपी ने महिलाओं और गरीबों की पीड़ा को समझा और उसी के अनुसार योजनाएं बनाईं.
10. अगले 25 साल और विकसित भारत का लक्ष्य
पीएम मोदी ने अपने भाषण का समापन भविष्य की बातों से किया. उन्होंने कहा, "अगले 25 साल विकसित भारत के हैं. इस अहम दौर में नितिन नबीन जी बीजेपी की विरासत को आगे बढ़ाएंगे." पीएम ने कहा कि जनसंघ के 75 साल पूरे होने पर वह सभी कार्यकर्ताओं के समर्पण को नमन करते हैं.
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