महिला सुरक्षा के लिए पश्चिम बंगाल में अनोखा लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम लॉन्च किया गया है. इस सिस्टम की मदद से महिलाएं चलती गाड़ी में भी सिर्फ एक पैनिक बटन दबाकर तुरंत मदद हासिल कर सकेंगी. इस ट्रैकिंग सिस्टम पर पुलिस के साथ-साथ राज्य का यातायात विभाग भी नजर बनाकर रखेगा. इस सिस्टम को गाड़ियों में लगाने का काम बंगाल में शुरू हो चुका है.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में इस ट्रैकिंग सिस्टम के साथ एक मोबाइल ऐप सोमवार को लॉन्च किया. लॉन्चिंग के मौके पर CM ममता ने कहा कि सभी वाहनों में एक ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा. इससे पुलिस गाड़ियों की स्पीड पर नजर रख सकेगी.
सीएम ने आगे कहा कि अगर किसी चलती गाड़ी के अंदर कोई अपराध होता है तो इस पर भी नजर रखी जा सकेगी. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि गाड़ियों में एक पैनिक बटन होगी, जिसे दबाने पर पुलिस सतर्क हो जाएगी और गाड़ी को ट्रैक करने लगेगी. बटन दबाने के बाद पुलिस पीड़ित से बात करने में भी सक्षम होगी.
ममता बनर्जी ने ट्रैकिंग सिस्टम का उद्घाटन करते हुए कहा कि इस सिस्टम से पुलिस को कोलकाता के अंदर किसी भी वाहन का पता लगाने में परेशानी नहीं होगी. चाहे वह पब्लिक व्हीकल हो या फिर प्राइवेट. पुलिस और ट्रैफिक विभाग ने इस व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम की शुरुआत की है.
पश्चिम बंगाल परिवहन विभाग के मुताबिक पहले चरण के तहत 1 लाख 60 हजार से ज्यादा गाड़ियों में ये सिस्टम लगाया जाएगा. विभाग का दावा है कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट में लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने वाला बंगाल पहला राज्य है.
कैसे काम करेगा ट्रैकिंग सिस्टम
योजना के मुताबिक सभी गाड़ियों में यह ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा. इसके तहत गाड़ियों में एक पैनिक बटन लगाया जाएगा. अगर कोई महिला किसी गाड़ी के अंदर आपात स्थिति में फंस जाती है तो बटन दबाते ही पुलिस और यातायात विभाग के पास अलर्ट चला जाएगा. अलर्ट मिलते ही पुलिस गाड़ी को ट्रैक करना शुरू कर देगी. बटन दबाने के बाद पुलिस गाड़ी में मौजूद शख्स से बात करने में और उसकी आवाज सुनने में भी सक्षम हो जाएगी. इससे किसी पीड़ित तक पहुंचने में और उसकी यथास्थिति जानने में आसानी होगी.
मल्टी लेवल पार्किंग का उद्घाटन
इसके अलावा ममता बनर्जी ने कोलकाता के अलीपुर में मल्टी लेवल पार्किंग का भी उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि यह पार्किंग विशेष रूप से अलीपुर चिड़ियाघर, अलीपुर जेल संग्रहालय और पूर्णो स्टेडियम के लिए बनाई गई है. यहां करीब 400 बसें या कोई भी वाहन खड़ा किया जा सकता है. इससे सड़कें पार्किंग से मुक्त होंगी.
अनुपम मिश्रा