असम: सरायघाट की लड़ाई की याद में 17 नवंबर से होगा वाटर फेस्ट, अहोम सैनिकों ने मुगलों को दी थी करारी शिकस्त

इस फेस्ट का दूसरा संस्करण सरायघाट युद्ध को श्रद्धांजलि होगी, जो 1671 की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना है. जब जनरल लाचित बोरफुकन के नेतृत्व में बहादुर अहोम सेना ने ब्रह्मपुत्र नदी में मुगलों पर विजय प्राप्त की थी.

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राइजिंग सन वॉटर फेस्ट का पहला संस्करण पिछले साल मेघालय की उमियाम झील में आयोजित किया गया था. (PIB फोटो) राइजिंग सन वॉटर फेस्ट का पहला संस्करण पिछले साल मेघालय की उमियाम झील में आयोजित किया गया था. (PIB फोटो)

aajtak.in

  • गुवाहाटी,
  • 07 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 8:30 PM IST

सरायघाट की लड़ाई, जिसमें अहोम सैनिकों ने मुगलों को करारी शिकस्त दी थी, उसकी याद में 17 नवंबर से गुवाहाटी के दीपोर बील लेक में वॉटर स्पोर्ट फेस्ट आयोजित किया जाएगा. असम सरकार ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि राष्ट्रीय स्तर के क्लब चार दिवसीय 'राइजिंग सन वॉटर फेस्ट- रिविजिटिंग सरायघाट' के दौरान दीपोर बील झील में नौकायन और रोइंग इवेंट में कम्पीट करेंगे.

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इस आयोजन की ट्रॉफियों का अनावरण करते हुए, मंगलवार को असम की खेल मंत्री नंदिता गारोलोसा ने कहा कि यह राज्य के लिए अपने इतिहास के साथ-साथ पर्यटन क्षमता को प्रदर्शित करने का एक अच्छा मंच होगा. उन्होंने कहा, 'हम कार्यक्रम का इंतजार कर रहे हैं. हमें खुशी है कि मेघालय में पहले वॉटर फेस्ट के बाद इस बार इसे यहां आयोजित किया जा रहा है.' गारलोसा ने कहा कि इस इवेंट का मेन फोकस जल संरक्षण, दीपोर बील लेक का प्रचार करना और क्षेत्र में वॉटर स्पोर्ट और टूरिज्म की संभावनाओं को प्रदर्शित करना होगा.

मेघालय में आयोजित हुआ था पहला राइजिंग सन वॉटर फेस्ट

दीपोर बील असम का एक बारहमासी मीठे पानी की झील है, जो गुवाहाटी शहर से 10 किमी दक्षिण पश्चिम में स्थित है और अपनी जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है. इसकी पहचान एक प्रमुख एलिफेंट कॉरिडोर के रूप में भी है.

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असम सरकार और सेना के ईस्टर्न कमांड ने इस फेस्ट आयोजन के लिए पार्टनरशिप की है. इस वॉटर स्पोर्ट फेस्ट में स्पेशल फोर्सेज और इंडियन एयरफोर्स के सैनिक भी शिरकत करेंगे. राइजिंग सन वॉटर फेस्ट का पहला संस्करण पिछले साल मेघालय की उमियाम झील में आयोजित किया गया था.

1671 की एक ऐतिहासिक घटना है 'द बैटल ऑफ सरायघाट'

इस फेस्ट का दूसरा संस्करण सरायघाट युद्ध को श्रद्धांजलि होगी, जो 1671 की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना है. जब जनरल लाचित बोरफुकन के नेतृत्व में बहादुर अहोम सेना ने ब्रह्मपुत्र नदी में मुगलों पर विजय प्राप्त की थी. असम सरकार ने एक बयान में कहा, 'यह आयोजन सिर्फ खेलों के बारे में नहीं है, यह हमारे युवाओं को वॉटर स्पोर्ट को अपनाने के लिए प्रेरित करने और प्रतिस्पर्धा, समावेशिता और उत्कृष्टता की भावना का जश्न मनाने के बारे में है.'

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