तीन महीने पहले की बात है. कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भरी संसद में भारत सरकार की एजेंसियों पर खलिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप मढ़ा था. इसके बाद दोनों देशों के बीच बहसा बहसी का लंबा सिलसिला शुरु हुआ. दिन बीते.. मसला कुछ ठंडा हुआ... मगर अब अमेरिका ने विवाद छेड़ दिया. मामला शुरु हुआ अमेरिकी अखबार फाइनैन्शियल टाइम्स की रिपोर्ट से. रिपोर्ट में अज्ञात सूत्रों के हवाले से दावा किया गया था कि अमेरिकी अधिकारियों ने गुरूपतवंत सिंह पन्नू, एक खालिस्तानी आतंकी, के खिलाफ चल रही हत्या की साजिश को विफल किया है. इस कथित साजिश में भारत सरकार के शामिल होने की आशंका थी. जिसे लेकर अमेरिका ने भारत सरकार को चेतवानी भी जारी की. खैर, ये रिपोर्ट तो काफी तो हवा में तीर मारने जैसी थी ही लेकिन मामला तब गर्माया जब अमेरिका के जस्टिस डिपार्ट्मन्ट ने भी ये आरोप लगाए. न सिर्फ आरोप लगे बल्कि निखिल गुप्ता नाम के शख्स का नाम भी उभरा. अभी तक भारत और अमेरिका के बहुत सधे हुए बयान आए हैं. भारत सरकार ने इस मामले की जांच करने के लिए पहले ही एक हाई लेवल इंकव्यारी कमेटी का गठन कर दिया था. वहीं अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिकंन ने बताया कि उनकी भारत सरकार से इस विषय पर बातचीत हुई है. इस पूरे मामले की तह खोलने के लिए सुनिए 'दिन भर'.
कल देर रात सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक प्रेस ब्रीफिंग की. जानकारी दी कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16वें वित्त आयोग यानि Finance Comission की रूपरेखा को मंज़ूरी दे दी है. लेकिन वित्त आयोग के पैनल में कौन होगा, इसे लेकर अभी तक कुछ तय नहीं हुआ है. आम तौर पर, वित्त आयोग में एक चेयरपर्सन होते हैं और चार मेंबर. 1951 में आयोग के पहले अध्यक्ष क्षितिज चंद्र नियोगी बने थे . और आखिरी यानि 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष रहें अर्थशास्त्री और पूर्व-डिप्लोमैट नंद किशोर सिंह. अध्यक्ष के अलावा जो चार मेंबर होते हैं, उनमें से एक हाईकोर्ट के जज होने चाहिए और बाक़ी तीन मेंबर्स फ़ाइनेंस और अर्थशास्त्र के जानकार. खैर, इससे पहले कि हम इस खबर को और विस्तार से समझें. सबसे पहले जानते हैं कि हमारे देश में वित्त आयोग, Finance Commission काम क्या होता है, ये क्यों इतना अहम है, सुनिए 'दिन भर' में.
दिसंबर का आगाज़ बेहद दिलचस्प होने वाला है. क्यों, क्योंकि दो दिन बाद होगी पांच राज्यों में हुए मतदान की काउंटिंग, तय होगा की कहां कौन सी पार्टी सत्ता में आएगी या बनी - बनाई सरकारें सत्ता से जाएगी. फिर, इसके अगले ही दिन यानि 4 दिसम्बर को शुरु होगा संसद का शीतकालीन सत्र. ये विन्टर सेशन 4 दिसम्बर से शुरु होकर 22 दिसम्बर तक चलेगा. सरकार के एजेंडे में सात नए विधेयकों समेत लगभग 17 से 18 विधेयक हैं. लोकसभा सचिवालय की तरफ से जारी बुलेटिन के मुताबिक, सरकार एक ऐसा विधेयक लाने की भी योजना बना रही है, जिसमें प्रवासी कश्मीरियों, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर से विस्थापित व्यक्तियों और अनुसूचित जनजातियों को प्रतिनिधित्व देने के लिए जम्मू और कश्मीर विधानसभा की सीट्स में इज़ाफ़ा किया जा सकता है. इसके अलावा भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया और भारतीय साक्ष्य अधिनियम पर भी सबकी नज़र होगी. सवाल है कि सरकार के एजेंडा में और कौनसे अहम बिल होने वाले जिसे इस सेशन में पेश किया जाएगा, सुनिए 'दिन भर' में.
चेतना काला