कोरोना वैक्सीन खरीदने के लिए भारत ने मांगा 2 अरब डॉलर का लोन, इन दो बैंक में किया अप्लाई

कोरोना वैक्सीन (COVID-19) खरीदने के लिए 2 अरब डॉलर के लोन के लिए अप्लाई किया है. यह लोन चीन के इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) और एशियाई विकास बैंक (ADB) से मांगा गया है.

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कोरोना वैक्सीन खरीदने के लिए भारत ने मांगा 2 अरब डॉलर का लोन कोरोना वैक्सीन खरीदने के लिए भारत ने मांगा 2 अरब डॉलर का लोन

aajtak.in

  • दिल्ली,
  • 28 अक्टूबर 2021,
  • अपडेटेड 2:34 PM IST
  • 2 अरब डॉलर के लोन को मिली मंज़ूरी
  • खरीदी जाएंगी COVID-19 की 667 मिलियन डोज़

कोरोना वैक्सीन (COVID-19) खरीदने के लिए 2 अरब डॉलर के लोन के लिए अप्लाई किया है. यह लोन चीन के इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) और एशियाई विकास बैंक (ADB) से मांगा गया है. फिलहाल लोन का प्रोसेस चल रहा है.

AIIB के वाइस प्रेसिडेंट डी.जे. पांडियन ने मंगलवार को कहा कि 2 अरब डॉलर के इस लोन में मनीला स्थित एशियाई विकास बैंक (ADB) 1.5 बिलियन डॉलर और इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) 500 मिलियन डॉलर की मदद कर रहे हैं.

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पांडियन का कहना है कि भारत ने इस लोन के लिए 3 महीने पहले एप्लाई किया था. इस पैसे से COVID-19 की 667 मिलियन डोज़ खरीदी जाएंगी. उनका कहना है कि वैक्सीन भारत सरकार द्वारा एक प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के ज़रिए खरीदी जाएंगी और ADB इस खरीद पर,  APVAX के तहत नज़र रखेगा.

28 परियोजनाओं के लिए भारत को मिली 6.7 बिलियन अमरीकी डॉलर की मदद

AIIB ने भारत को कई परियोजनाओं में मदद करने के अलावा, COVID-19 राहत बजट सहायता के लिए 1.75 बिलियन अमरीकी डॉलर भी दिए हैं. पांडियन का कहना है कि चीन के बाद भारत, AIIB में दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक है. बैंक ने अब तक 28.9 बिलियन अमरीकी डॉलर की 147 परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इसके साथ ही, भारत 28 परियोजनाओं के लिए 6.7 बिलियन अमरीकी डॉलर पाने वाले सबसे बड़े लाभार्थी के रूप में सामने आया है.

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साल के अंत तक कोविड के टीकों का एक्सपोर्ट फिर से शुरू

बता दें कि कोरोना टीकाकरण के मामले में भारत ने 100 करोड़ का ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है. देशभर में कोरोना के खिलाफ जंग जारी है. टीकाकरण अभियान में कोई कमी न रह जाए, इसके लिए सरकार अब अगले महीने 'हर-घर दस्तक' Door-to-Door टीकाकरण अभियान शुरू करने जा रही है. भारत, पूरी दुनिया में टीकों का सबसे बड़ा उत्पादक है. अप्रैल महीने में कोविड के टीकों का एक्सपोर्ट बंद कर दिया गया था, लेकिन साल के अंत तक एक्सपोर्ट फिर से शुरू होने की संभावना है.

 

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