देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस में हार के बाद मची झौं-झौं अब तक जारी है. बैठकों बयानों का सिलसिला चल रहा है. पहले CWC की बैठक हुई उसके बाद से ही जी23 ग्रुप एक्टिव है.
कांग्रेस आलाकमान के सामने क्यों नरम पड़ा G23 गुट?
बुधवार को जब इस ग्रुप की बैठक हुई थी तो कांग्रेस आलाकमान के ख़िलाफ कई बयान भी आए थे. कल जी-23 ग्रुप के नेता भूपेंद्र हुड्डा राहुल गांधी से मिलने पहुंचे थे और कहा जा रहा है कि गुलाम नबी आजाद की सोनिया गांधी से फ़ोन पर बात हुई है और वे जल्द मुलाक़ात कर सकते हैं हालांकि होनी तो कल ही थी पर हो नहीं पाई . फ़िलहाल कहा ये जा रहा है कि दो रोज़ पहले तक जो जी23 नेताओं का धड़ा गांधी परिवार के खिलाफ मुखर दिख रहा था वो अब धीरे धीरे शांत हो रहा है, मतलब समझौता करने की तरफ बढ़ रहा है. तो कुछ रोज़ पहले तक जी 23 गुट जो पार्टी के खिलाफ मुखर था वो अचानक से नरम पड़ता क्यों दिख रहा है, कारण क्या है इसका?
अखिलेश की जगह कौन हो सकता है नेता प्रतिपक्ष?
हफ्ते भर पहले उत्तर प्रदेश ने ये तो तय कर दिया कि योगी आदित्यनाथ ही उसके मुख्यमंत्री होंगे… लेकिन चेक्स एन्ड बैलेंस के लिए, उनकी पॉलिसीज पर नुक्ता चीनी करने के लिए यूपी असेम्बली में सदन के दूसरी ओर कौन बैठेगा, इस बारे में अब भी सस्पेंस है. जी... लीडर ऑफ ओपोजिशन की बात कर रहे हैं हम. समाजवादी पार्टी में मुखिया अखिलेश यादव करहल विधानसभा से चुनाव जीते हैं, लोगों को उम्मीद थी कि वे यूपी असेम्बली से बीजेपी के सामने लोहा लेंगे लेकिन अब कहा जा रहा है कि अखिलेश विधायकी के बजाय सांसद ही बने रहना चाहते हैं. ऐसे में, सवाल उठता है कि सदन में बीजेपी को घेरने के लिए सपा किसे अपना चेहरा बनाएगी. लेकिन उससे पहले ये जानने के लिए कि अखिलेश क्यों सांसद ही बने रहना चाहते हैं, उनके पास नेता प्रतिपक्ष बनने का मौका था, बावजूद इसके वे क्यों पीछे हट रहे हैं? में कौन से नाम हैं जिनकी नेता प्रतिपक्ष के तौर पर चेहरा बनने को लेकर चर्चा हो रही है?
असानी चक्रवात को लेकर क्या हैं सरकार की तैयारियां?
भारतीय मौसम विभाग ने साल के पहले चक्रवाती तूफ़ान को लेकर अलर्ट जारी किया है. चक्रवात का नाम ‘असानी’ है. मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक Cyclonic storm Asani अगले हफ्ते तेज़ रफ्तार पकड़ेगा. Southwest Indian Ocean में आने वाले तूफान के अगले सप्ताह की शुरुआत में साइक्लोन में बदलने की संभावना बताई जा रही है. मौसम विभाग का ये भी कहना है कि 23 मार्च की सुबह तक बांग्लादेश और northern म्यांमार के आसपास के क्षेत्रों की ओर भी तूफान डायरेक्शन बदल सकता है और जैसे ही यह साइक्लोन का रूप लेने के बाद दो दिनों में बंगाल की खाड़ी के southeast हिस्से के साथ-साथ South Andaman Sea में कहर बरपा सकता है. तो अब तक और कितनी जानकारी निकल कर आई है? सरकार की ओर से क्या क़दम उठाए जा रहे हैं सुरक्षा के लिहाज़ से?
इन ख़बरों पर विस्तार से चर्चा के अलावा ताज़ा हेडलाइंस, देश-विदेश के अख़बारों से सुर्खियां, आज के दिन की इतिहास में अहमियत सुनिए 'आज का दिन' में अमन गुप्ता के साथ.
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