आधार कार्ड के ऑथेंटिकेशन को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. केंद्र सरकार ने देश की विभिन्न जेलों में बंद कैदियों के आधार कार्ड का ऑथेंटिकेशन कराने के लिए राज्य सरकारों को अधिकृत कर दिया है. केंद्र सरकार ने राज्यों से स्वैच्छिक आधार पर जेलों में बंद कैदियों के आधार कार्ड का ऑथेंटिकेशन कराने के लिए कहा है जिससे वे हेल्थ केयर, स्किल, वोकेशनल ट्रेनिंग जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकें.
आधार कार्ड के ऑथेंटिकेशन से इन सभी सरकारी सुविधाओं-सेवाओं के साथ ही जेलों में बंद कैदियों को कानूनी सहायता और रिश्तेदारों के साथ मुलाकात की सुविधा का लाभ उठाने में भी मदद मिल सकेगी. केंद्र सरकार ने इसे लेकर अधिसूचना जारी कर दी है. गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में आधार ऑथेंटिकेशन का फैसला कहा गया है कि गुड गवर्नेंस (सोशल वेलफेयर, इनोवेशन, नॉलेज) रूल्स 2020 के नियम पांच के तहत लिया गया.
गृह मंत्रालय के मुताबिक आर्थिक और अन्य सब्सिडीज, लाभ और सेवाओं के लिए आधार ऑथेंटिकेशन का फैसला लिया गया जिससे लक्षित वर्ग तक इन सेवाओं का लाभ पहुंच सके. गृह मंत्रालय ने साफ किया है कि स्वैच्छिक आधार पर राज्य सरकारें जेल के कैदियों का आधार ऑथेंटिकेशन कराएं जिससे इन तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके.
गृह मंत्रालय ने कहा है कि इससे स्वास्थ्य, स्किल, वोकेशनल ट्रेनिंग और रिश्तेदारों से मुलाकात, कानूनी सहायता में करेक्शनल रिफॉर्म में सहायता मिलेगी. गृह मंत्रालय की ओर से जारी की गई अधिसूचना में ये भी कहा गया है कि केंद्र सरकार की ओर से आधार ऑथेंटिकेशन को लेकर जारी गाइडलाइंस का जेल अधिकारियों को पालन करना होगा.
गौरतलब है कि आधार कार्ड का ऑथेंटिकेशन कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी है. आधार ऑथेंटिकेशन के अभाव में संबंधित व्यक्ति कई योजनाओं के लाभ से वंचित रह सकता है. इसी का ध्यान रखते हुए केंद्र सरकार ने देशभर की जेलों में बंद कैदियों के आधार ऑथेंटिकेशन के लिए अधिसूचना जारी की है.
aajtak.in