साइबर ठग अब व्हाट्सऐप को अपना नया हथियार बना चुके हैं. कॉल मर्ज, कॉल मैनिपुलेशन और खतरनाक सॉफ्टवेयर इंस्टॉल जैसे तरीकों से लोगों के अकाउंट हैक किए जा रहे हैं. हाल ही में मुंबई के बॉम्बे हॉस्पिटल के कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. गौतम बंसाली इस साइबर ठगी का शिकार बने.
डॉ. बंसाली ने 'आजतक' से बातचीत में बताया कि ठगों ने उनका व्हाट्सऐप अकाउंट हैक कर उनके कॉन्टैक्ट्स से पैसों की मांग शुरू कर दी. हैरानी की बात यह रही कि जिन लोगों को मैसेज भेजे गए, उनमें उनमें वरिष्ठ अधिकारी, राजनेता और बॉलीवुड सितारे भी शामिल थे.
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कैसे हुआ हैक का खुलासा
डॉ. बंसाली ने बताया कि वह अपने ऑफिस में एक मरीज के लिए आईसीयू बेड की व्यवस्था कर रहे थे. उसी दौरान एक साथी डॉक्टर ने उनसे पूछा कि वे पैसे क्यों मांग रहे हैं. इस पर उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई मैसेज नहीं किया.
जब उन्होंने साथी डॉक्टर से ‘हाय’ या ‘हैलो’ भेजने को कहा, तो उनके फोन पर कोई मैसेज नहीं आया. तभी उन्हें समझ आया कि उनका व्हाट्सऐप अकाउंट हैक हो चुका है. उन्होंने तुरंत अस्पताल के ग्रुप में जानकारी भिजवाई. उन्होंने यह भी देखा कि व्हाट्सऐप कॉल नहीं आ रही थीं, जबकि फेसटाइम काम कर रहा था.
फर्जी इमरजेंसी और पैसों की ठगी
कुछ ही देर में अस्पताल के लैंडलाइन पर फोन आने लगे. लोग ₹46 हजार की मदद के लिए भेजे गए मैसेज के बारे में पूछ रहे थे. ठगों ने जानबूझकर डॉक्टर के निजी यूपीआई की जगह किसी दूसरे यूपीआई अकाउंट पर पैसे भेजने को कहा था.
डॉ. बंसाली ने साइबर क्राइम विभाग से संपर्क किया. एडीजी यशवी यादव की मदद से मेटा को अकाउंट ब्लॉक करने के लिए ईमेल भेजा गया, लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था. उनके दो डॉक्टर दोस्तों ने इमरजेंसी समझकर पैसे भेज दिए. एक अन्य दोस्त ने ₹90 हजार ट्रांसफर किए. गीतकार मनोज मुंतशिर ने भी ₹46 हजार भेज दिए.
बड़े नामों को भी भेजे गए मैसेज
ठगों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, सलमान खान, संजय दत्त, कीकू शारदा समेत कई बड़े कलाकारों, अफसरों और नेताओं को भी मैसेज भेजे. पुलिस जांच में ठगों की लोकेशन बिहार के नालंदा जिले में ट्रेस हुई है.
करीब दो दिन बाद डॉ. बंसाली का व्हाट्सऐप अकाउंट दोबारा चालू हुआ. उन्होंने कहा कि कई मामलों में अकाउंट वापस मिलने में एक हफ्ते से ज्यादा समय लग जाता है. उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
कैसे होता है व्हाट्सऐप हैक
साइबर एक्सपर्ट मनोज यादव के मुताबिक, ठग अक्सर लोगों को ओटीपी शेयर करने के लिए बहकाते हैं. कई बार कॉल मर्ज करवा दी जाती है और उसी दौरान ओटीपी उनके पास पहुंच जाता है.
फर्जी वेडिंग कार्ड या लिंक के जरिए खतरनाक एपीके फाइल इंस्टॉल कराकर भी मोबाइल का एक्सेस ले लिया जाता है. व्हाट्सऐप फ्रॉड मुख्य रूप से दो तरह से होता है- पहला, ठग पीड़ित बनकर उसके दोस्तों से पैसे मांगते हैं. दूसरा, अकाउंट वापस दिलाने के नाम पर पीड़ित से ही पैसे ऐंठते हैं.
अंतरराष्ट्रीय गिरोह और सावधानी की जरूरत
विशेषज्ञों के अनुसार, कंबोडिया, वियतनाम और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों में संगठित साइबर गिरोह सक्रिय हैं, जो दक्षिण एशिया के लोगों को निशाना बना रहे हैं.
पुलिस और साइबर विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि ओटीपी कभी साझा न करें, अनजान कॉल मर्ज न करें, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और व्हाट्सऐप में टू-स्टेप वेरिफिकेशन जरूर चालू रखें. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करें, ताकि आर्थिक नुकसान से बचा जा सके.
अनमोल नाथ