वर्धा: कॉल सेंटर चलाने वाले तीन शातिर करोड़ों की ठगी के आरोप में दिल्ली से गिरफ्तार

महाराष्ट्र की वर्धा साइबर सेल को बड़ी कामयाबी मिली है. साइबर सेल ने दिल्ली से कॉल सेन्टर के तीन पार्टनर्स को गिरफ्तार किया है. एसपीसी सॉल्यूशनस (S.P.C Solutions) के नाम से ये जाली कॉल सेंटर चलाते थे. आरोपी एचडीएफसी बैंक इंश्योरेंस के नाम पर लोगों को फोन कर उनसे ठगी करते थे.

प्रतिकात्मक तस्वीर
पंकज खेलकर
  • वर्धा,
  • 22 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 8:49 AM IST

महाराष्ट्र की वर्धा साइबर सेल को बड़ी कामयाबी मिली है. साइबर सेल ने दिल्ली से कॉल सेन्टर के तीन पार्टनर्स को गिरफ्तार किया है. इन तीनों पर आरोप है कि इन्होंने अनेक लोगों को लालच देकर ठगी की है. ये  बैंक लोन, इंश्योरेंस का कमीशन के नाम पर करोड़ों रुपए अपने एकाउंट में ट्रांसफर करवाते थे.

आरोपियों के काले कारनामों की भनक तब लगी जब वर्धा के एक नागरिक ने वर्धा साइबर सेल में शिकायत दर्ज करवाई. उन्होंने बताया कि तीन महीने पहले एचडीएफसी बैंक इंश्योरेंस के नाम पर  फोन आना शुरू हुआ. उनके बैंक एकाउंट और इंश्योरेंस पॉलिसी की सारी जानकारी देकर उनसे कहा गया की उन्हें 58 हजार रुपए कमीशन चाहिए हो तो अभी कुछ पैसा बैंक एकाउंट में ट्रांसफर करना होगा.

शिकायतकर्ता ने थोडे़-थोडे़ पैसे करके 29 लाख 88 हजार रुपए ट्रांसफर किए. जिसके बाद 58 हजार रुपए मिलने के बजाय आरोपियों ने उनके 29 लाख 88 हजार ठग लिए. जिसके बाद शिकायतकर्ता ने वर्धा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. फिर पुलिस छानबीन में जुट गई.

साइबर सेल के पुलिस निरीक्षक निलेश भ्रमहे ने आजतक को बताया कि कॉल रिकार्ड्स की मदद से आरोपियों को दिल्ली के प्रीतमपुरा कॉलोनी से ढूंढ निकाला गया और हिरासत में लिया गया. तीनों आरोपियों को हिरासत में लेने गई टीम ने देखा के एक पॉश बिल्डिंग में आलीशान कॉल सेन्टर बनाया हुआ है. पुलिस के मुताबिक आरोपियों ये आलीशान कॉल सेन्टर किसी कॉर्पोरेट सेक्टर से कम नहीं था. ये ईश्वर कॉम्प्लेक्स में  ब्लॉक नंबर 175 में स्थित है.

ये आरोपी एसपीसी सॉल्यूशनस के नाम से ये जाली कॉल सेंटर चलाते थे. इन आरोपियों के दो अकाउंट देखने के बाद पता चला के तीन करोड़ के ट्रांजैक्शन हुए हैं. बताया जा रहा है कि उस ऑफिस में कई ग्रेजुएट लड़के लड़किया सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के तौर पर काम कर रहे हैं. तीन लड़कियों से पूछताछ पर पता चला के कॉल सेन्टर के मालिक यानी तीनों आरोपी सभी सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स को रोज अलग-अलग बैंक कस्टमर्स के एकाउंट की जानकारी देकर उनसे पैसा ट्रांसफर करने को कहते. इस तरह से अनेक लोगों के करोड़ो रुपए ठगे हैं.

फिलहाल तीनों आरोपियों को वर्धा लाया गया है. अन्य लोग जो इस फर्जी कॉल सेन्टर में काम करते हैं उन्हें भी आरोपी बनाया गया है. अब उनका इस पूरे मामले में कितना और क्या रोल है इसके आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इन आरोपियों की आईपीसी 420, 34, और 66 डी इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के तहत गिरफ्तारी हुई है. लगभग दो लाख रुपए इन आरोपियों से जब्त किए गए हैं. शिकायतकर्ता की फर्टीलाइजर की दुकान है. चौंकाने वाली बात है कि लगभग 30 लाख रुपये देने तक आरोपी शिकायतकर्ता को बेकूफ बनाते रहे.

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