'स्नैचिंग होती है, जेवर पुड़िया में रखिए...',पुलिस बनकर बुजुर्गों को चूना लगाने वाले गैंग का भंडाफोड़, 17 लाख के गहने बरामद

ठाणे पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों से सोने के गहने ठगने वाले शातिर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों और एक ज्वैलर को गिरफ्तार किया है. खुद को पुलिसकर्मी या मददगार बताकर भरोसा जीतने वाले इस गिरोह ने 12 वारदातों को अंजाम दिया था. पुलिस ने आरोपियों के पास से लाखों रुपये के सोने के गहने भी बरामद किए हैं.

Advertisement
राह चलते बुजुर्गों को चूना लगाने वाले गैंग का भंडाफोड़ (Photo: reporesentational image) राह चलते बुजुर्गों को चूना लगाने वाले गैंग का भंडाफोड़ (Photo: reporesentational image)

aajtak.in

  • ठाणे,
  • 10 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:11 PM IST

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में बुजुर्गों को निशाना बनाकर लाखों रुपये के सोने के गहने ठगने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. ठाणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस गिरोह के तीन सदस्यों और मुंबई के एक ज्वैलर को गिरफ्तार कर कुल 12 आपराधिक मामलों का खुलासा किया है. पुलिस के अनुसार, ये सभी मामले ठाणे जिले और पड़ोसी मुंबई के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज थे.

Advertisement

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) अमरसिंह जाधव ने बताया कि गिरोह के सदस्य खासतौर पर बुजुर्गों को अपना शिकार बनाते थे. आरोपी पहले उनसे बातचीत शुरू कर भरोसा जीतते और फिर खुद को पुलिसकर्मी या मददगार राहगीर बताकर इलाके में चोरी की घटनाओं का डर दिखाते थे. इसके बाद वे वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षा के नाम पर अपने सोने के गहने उतारकर पुड़िया में लपेटने की सलाह देते थे.

अधिकारी के मुताबिक, इसी दौरान हाथ की सफाई से आरोपी असली सोने की जगह नकली गहने या पत्थर रख देते थे. पीड़ितों को इस धोखाधड़ी का पता काफी देर बाद चलता, जब आरोपी मौके से फरार हो चुके होते थे. पुलिस को कई दिनों से इस गिरोह की तलाश थी और डिजिटल व फिजिकल साक्ष्यों के आधार पर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी.

Advertisement

हाल ही में पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि गिरोह के सदस्य एक और वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं. इस सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने जाल बिछाकर राजू चव्हाण, रमेश जायसवाल और संजय मंगाडे को पकड़ लिया. पूछताछ के दौरान इनसे कई चौंकाने वाले खुलासे हुए, जिसके बाद पुलिस ने 12 मामलों को सुलझाने का दावा किया है.

पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 130 ग्राम सोने के गहने बरामद किए हैं, जिनकी कीमत लगभग 17 लाख रुपये आंकी गई है. जांच में यह भी सामने आया कि ठगे गए गहनों को ठिकाने लगाने में मुंबई का एक ज्वैलर रामसिंह चौहान शामिल था. उसे भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उल्हासनगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक योगेश आव्हाड ने बताया कि ज्वैलर की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है.

पुलिस का कहना है कि यह गिरोह बदलापुर, उल्हासनगर, मुंब्रा, कापुरबावड़ी और नौपाड़ा समेत कई इलाकों में सक्रिय था. अब यह भी जांच की जा रही है कि इनके तार महाराष्ट्र के अन्य जिलों या राज्यों से तो नहीं जुड़े हैं. पुलिस ने नागरिकों, खासकर बुजुर्गों से अपील की है कि अनजान लोगों पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें.

Advertisement

 

 

 

---- समाप्त ----

TOPICS:
Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement