महाराष्ट्र में मचे सियासी संग्राम के बीच डिप्टी स्पीकर ने शिवसेना के 16 बागी विधायकों को नोटिस जारी कर दिया है. सभी बागी विधायकों को 27 जून, शाम 5:30 बजे तक जवाब देने के लिए कहा गया है. जारी नोटिस के मुताबिक, अगर बागी विधायक जवाब नहीं देते हैं तो मान लिया जाएगा कि इनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है. फिर आगे की प्रक्रिया के मुताबिक कार्यवाही होगी.
वहीं शिवसेना ने भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल न होने पर भी बागी विधायकों को अयोग्ध घोषित करने का नोटिस जारी किया है. इन्हें लिखित में जवाब देने को कहा गया है. फिलहाल एकनाथ शिंदे बागी विधायकों के साथ गुवाहाटी में शरण लिए हुए हैं.
बैठक में चार प्रस्ताव पास
शिवसेना कार्यकारिणी की बैठक में चार प्रस्ताव पास किए गए हैं. चार प्रस्तावों में कहा गया कि मराठी अस्मिता और हिंदुत्व के मुद्दे पर शिवसेना बनी रहेगी. बैठक में सभी ने उद्धव ठाकरे की नेतृत्व पर भरोसा जताया. साथ ही फैसला किया गया कि बाला साहेब के नाम का दुरुपयोग न हो, इसके लिए शिवसेना चुनाव आयोग का रूख करेगी.
शिवसेना सांसद संजय राउत ने कार्यकारिणी बैठक के बाद कहा कि उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में तय किया गया है कि जिसने (बागी विधायकों) पार्टी से गद्दारी की है, उसे माफ नहीं किया जाएगा. उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी. अगर कोई भी व्यक्ति या पार्टी राजनीतिक स्वार्थ के लिए बाल ठाकरे के नाम का गलत इस्तेमाल करेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
शिंदे पहले नाथ थे, अब दास हो गए हैं: उद्धव
वहीं, बैठक में उद्धव ठाकरे ने कहा, शिंदे पहले नाथ थे, अब दास हो गए हैं. अगर शिंदे में हिम्मत है तो वे अपने पिता के नाम पर वोट मांगकर दिखाएं. उधर, इस सियासी घमासान के बीच शिव सैनिक सड़कों पर उतर आए हैं. इसे देखते हुए मुंबई में धारा 144 लगा कर दिया गया है.
इधर, शिवसेना लीगल विंग के वकील धर्म मिश्रा ने कहा कि सभी 16 विधायकों को नोटिस जारी किया गया है. उन्हें सुनवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से आना होगा. हम इस पर टिप्पणी नहीं कर सकते कि क्या डिप्टी स्पीकर ने अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया है या नहीं.
पॉलोमी साहा / ऋत्विक भालेकर