शरद पवार ने कहा- सेना पर राजनीति कर रही BJP, आतंकियों के आंकड़े देना ठीक नहीं

पवार ने कहा कि आतंकियों के आंकड़ों की बात कर बीजेपी नेता बचपना दिखा रहे हैं. एनसीपी प्रमुख ने प्रधानमंत्री को हिदायत दी कि बालाकोट हमले पर वे राजनीति से बचें.

एनसीपी प्रमुख शरद पवार (PTI)
aajtak.in/पंकज खेळकर
  • मुंबई,
  • 06 मार्च 2019,
  • अपडेटेड 8:31 AM IST

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा है कि पुलवामा और बालाकोट घटना पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को राजनीति नहीं करनी चाहिए. पवार ने प्रधानमंत्री और अन्य बीजेपी नेताओं को इस बाबत हिदायत भी दी है. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि देश की सेना पर हमें सौ प्रतिशत भरोसा है. सेना के बारे में उन्होंने कहा कि वो जो करेंगे, देश की सुरक्षा के लिए करेंगे और जान देने का भी समय आएगा तो पीछे नहीं हटेंगे.

एनसीपी प्रमुख ने कहा कि भारत के तीनों सेना की बहादुरी उनके लिए मुद्दा नहीं है. पवार ने याद दिलाया कि जब पुलवामा में 40 जवान शहीद हुए, तब भारत सरकार ने जो मीटिंग बुलाई थी उसमें उन्होंने कहा था कि हमें इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए. ऐसे समय में एक हो कर जवानों के साथ रहने की जरूरत है और वो हम रहेंगे. पवार ने कहा कि दुख इस बात का है कि एक ओर हम कहते हैं कि हम राजनीति नहीं करेंगे और दूसरी ओर जब बहादुर और जांबाज अभिनंदन को छोड़ा गया तब उनकी पत्नी ने भी कहा के यहां राजनीति मत लाइए. पवार ने बीजेपी को याद दिलाया कि जिस परिवार ने अपनी बड़ी कीमत देने की तैयारी मन में रखी थी, उनके मन में आशंका पैदा हो रही है कि राजनीति की जा रही है. ये बात अच्छी नहीं है.

पवार ने आगे बताया कि अभिनंदन की पत्नी के इतना कुछ कहने के बाद भी देश के प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि विपक्ष ने राजनीति की और मैं किसी को नहीं छोड़ूंगा. प्रधानमंत्री का ये कहना ठीक नहीं लगता. प्रधानमंत्री को ऐसी बातें शोभा नहीं देतीं. शरद पवार ने याद दिलाया कि कुछ साल वे रक्षा मंत्री रह चुके हैं. पवार ने कहा कि आतंकियों के मारे जाने के जो आंकड़े दिए जा रहे हैं, वैसे आंकड़े बाहर के लोग बताते नहीं हैं. ऐसा बताकर मुझे लगता है कि बीजेपी नेता बचकाना काम काम कर रहे हैं जो कि ठीक नहीं है.

पवार से प्रधानमंत्री के उस बयान पर सवाल पूछा गया जिसमें उन्होंने कहा था कि बालाकोट हमले में राफेल होता तो और अच्छा होता. इस पर शरद पवार ने अपनी कोई राय देने से मना कर दिया लेकिन इतना जरूर कहा कि उन्हें ऐसा नहीं कहना चाहिए. ऐसा कहने की जरूरत नहीं है क्योंकि भारत के पास मिग है, सुखोई है. सुखोई भी उतना ही सक्षम लड़ाकू विमान है. देश को सुरक्षित रखने के लिए वायु सेना के अधिकारी जैसा काम कर रहे हैं, उसके बारे में मन में कोई संदेह नहीं है.

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