बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख ने महाराष्ट्र BJP अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की उस विवादास्पद टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें चव्हाण ने कहा था कि उनके दिवंगत पिता और पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख की यादें लातूर शहर से मिटा दी जाएंगी.
दरअसल, सोमवार को रवींद्र चव्हाण ने लातूर में बीजेपी कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, 'आपके उत्साह को देखकर मैं 100 प्रतिशत कह सकता हूं कि विलासराव देशमुख की यादें इस शहर से मिटा दी जाएंगी.' बीजेपी नेता ने ये टिप्पणी लातूर नगर निगम चुनावों (15 जनवरी को मतदान) के संदर्भ में की गई थी, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं के जोश को देखते हुए चव्हाण ने पार्टी की जीत की उम्मीद जताई.
'मैं हाथ जोड़कर...'
चव्हाण के इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रितेश देशमुख ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है. वीडियो में कहा, 'मैं हाथ जोड़कर कहता हूं कि जनता के लिए जीने वालों के नाम लोगों के मन में रहते हैं जो लिखा है उसे मिटाया जा सकता है, लेकिन जो मन में बसा हुआ है, उसे मिटाया नहीं जा सकता.'
कांग्रेस ने भी किया पलटवार
चव्हाण की इस टिप्पणी की कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. साथ ही कांग्रेस ने बीजेपी पर राज्य के विकास के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले नेता की विरासत को कमजोर करने की आरोप लगाया है.
मुंबई में जारी एक बयान में कांग्रेस ने कहा कि लातूर से विलासराव देशमुख की यादों को कोई नहीं मिटा सकता. पार्टी ने आगे कहा कि पहले भी कई लोगों ने ऐसा करने की कोशिश की थी, लेकिन जिले के स्वाभिमानी लोगों ने उन्हें उनकी असलियत दिखा दी थी.
कांग्रेस ने कहा कि देशमुख ने लातूर को राष्ट्रीय पहचान दिलाई और अपना पूरा जीवन इस क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित कर दिया. कांग्रेस ने बीजेपी नेताओं पर लातूर दौरे के दौरान सत्ता के नशे में चूर होकर गैरजिम्मेदाराना और अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया.
पूर्व मुख्यमंत्री की विरासत के बारे में भाजपा की समझ पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने कहा कि ऐसे नेता विलासराव देशमुख और लातूर की जनता के बीच गहरे संबंध को नहीं जानते.
बीजेपी नेता ने जारी की सफाई
वहीं, मामले पर विवाद बढ़ने के बाद मंगलवार को रवींद्र चव्हाण ने अपने बयान पर सफाई जारी कर माफी मांग ली. उन्होंने कहा, 'स्थानीय निकाय चुनावों में नागरिक सुविधाएं मुख्य मुद्दा होना चाहिए. कौन इन मुद्दों को तेजी से हल करेगा, ये महत्वपूर्ण है. मैंने विलासराव देशमुख की कोई आलोचना नहीं की, लेकिन कांग्रेस वहां विलासराव देशमुख के नाम पर वोट मांग रही है. विलासराव बड़े नेता थे और मुख्यमंत्री रहे, अगर इससे उनके बेटे की भावनाएं आहत हुईं जो मेरे अच्छे मित्र हैं तो मैं उनसे माफी मांगता हूं. इस बयान को राजनीतिक रूप से नहीं देखा जाना चाहिए.'
बता दें कि महाराष्ट्र के दो बार मुख्यमंत्री रहे विलासराव देशमुख लातूर के रहने वाले थे और क्षेत्र के विकास में उनके योगदान के लिए उन्हें व्यापक रूप से याद किया जाता है.
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