पाकिस्तान के इतिहास की सबसे बड़ी फिल्म 'द लीजेंड ऑफ मौला जट' के महाराष्ट्र में रिलीज होने से पहले ही विरोध शुरू हो गया है. राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने सिनेमा हॉल मालिकों को इसे लेकर चेतावनी जारी की है. मनसे ने ज़ी स्टूडियोज, मूवीटाइम सिनेमा, अगस्त एंटरटेनमेंट, और तिलक एंटरटेनमेंट सहित कई सिनेमा प्रतिष्ठानों को पत्र भेजे हैं, जिसमें प्रस्तावित रिलीज के लिए उन्होंने जोरदार विरोध जाहिर किया है.
'आजतक' टीवी को सूत्रों ने बताया कि फिल्म के 30 दिसंबर को रिलीज होने की उम्मीद है. एक दशक में भारत में रिलीज होने वाली यह पहली पाकिस्तानी फिल्म होगी. पत्र में कहा गया है, "हमारे संज्ञान में आया है कि पाकिस्तान में बनी और पाकिस्तानी अभिनेताओं द्वारा अभिनीत फिल्म 'द लीजेंड ऑफ मौला जाट' को जानबूझकर जल्द ही महाराष्ट्र में रिलीज करने की योजना बनाई जा रही है."
आगे कहा गया, "हमें यह बताने की आवश्यकता नहीं है कि पाकिस्तान लगातार भारत विरोधी आतंकवादी गतिविधियों को कैसे अंजाम दे रहा है. इन आतंकवादी कार्रवाइयों में हमारे कई सैनिक, पुलिस बल और नागरिक मारे गए हैं. हालांकि हम समय-समय पर इसका विरोध करते रहे हैं. हम आपसे इस समय पाकिस्तानी फिल्म को महाराष्ट्र में रिलीज नहीं करने का आग्रह कर रहे हैं."
बता दें कि पाकिस्तानी फिल्म द लीजेंड ऑफ मौला जट में फवाद खान के साथ माहिरा खान, हमजा अली अब्बासी, हुमैमा मलिक, गौहर राशीद, फारीस शाफी, अली अजमत, रहीला अघा, बाबर अली, सैमा बलोच जैसे बड़े स्टार्स शामिल हैं. ये फिल्म 1979 में बनी क्लासिक फिल्म मौला जट का ऑफिशियल रीमेक है. इस फिल्म ने कमाई में 250 करोड़ का रिकॉर्ड काफी पहले ही तोड़ दिया था. पाकिस्तान के इतिहास में ये सबसे बड़े बजट वाली फिल्म है और साथ ही सबसे ज्यादा कमाई वाली फिल्म भी बन गई है.
पंकज उपाध्याय