न उद्धव, न फडणवीस: ओवैसी के 2 विधायकों सहित ये 4 MLA रहे सदन में तटस्थ

उद्धव सरकार ने महाराष्ट्र विधानसभा में अपना फ्लोर टेस्ट पास कर लिया है. सरकार के पक्ष में 169 वोट पड़े हैं, जो बहुमत के आंकड़े से 24 वोट अधिक है. हालांकि, इस दौरान चार विधायक तटस्थ रहे.

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वोटिंग में हिस्सा लेते विधायक वोटिंग में हिस्सा लेते विधायक

साहिल जोशी

  • मुंबई,
  • 30 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 4:44 PM IST

  • AIMIM, MNS, CPI के चार विधायक रहे तटस्थ
  • सरकार के पक्ष में 169 विधायकों ने किया वोट

उद्धव सरकार ने महाराष्ट्र विधानसभा में अपना फ्लोर टेस्ट पास कर लिया है. सरकार के पक्ष में 169 वोट पड़े हैं, जो बहुमत के आंकड़े से 24 वोट अधिक है. हालांकि, इस दौरान चार विधायक तटस्थ रहे. यानी इन विधायकों ने न तो उद्धव सरकार के समर्थन में किया और न ही विपक्ष में वोटिंग की.

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इसमें असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के दो विधायक, राज ठाकरे की पार्टी मनसे के एक विधायक और सीपीआई-एम के एक विधायक शामिल हैं. फ्लोर टेस्ट से पहले बीजेपी के विधायकों ने वॉक आउट कर दिया था. बीजेपी के वॉक आउट की वजह से 115 विधायक सदन में मौजूद नहीं रहे.

क्या है बहुमत का आंकड़ा

महाराष्ट्र विधानसभा में कुल सीटें 288 हैं. बहुमत के लिए कम से कम 145 विधायकों का समर्थन जरूरी है. शिवसेना के 56, एनसीपी के 54, कांग्रेस के 44 विधायको को मिलकर आंकड़ा 154 है. इन सभी विधायकों ने सरकार के पक्ष में वोट डाला. इनके अलावा छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों ने भी उद्धव सरकार के पक्ष में वोट डाला.

इन छोटे दलों ने किया समर्थन

महा विकास अघाड़ी को 169 विधायकों का समर्थन मिला. उद्धव सरकार के पक्ष में शिवसेना के 56, एनसीपी के 54, कांग्रेस के 44, सपा के 2, स्वाभिमानी शेतकारी  के एक, बहुजन विकास अघाड़ी के 3, पीडब्लूपी के एक और निर्दलीय 10 विधायक रहे. इसमें एनसीपी के एक विधायक को प्रोटेम स्पीकर बना दिया गया था, इस वजह से 169 विधायकों ने वोट डाला.

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हां मैंने शिवाजी महाराज के नाम पर शपथ ली

फ्लोर टेस्ट में पास होने के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि हां मैंने छत्रपति शिवाजी महाराज  के नाम पर और अपने माता-पिता के नाम पर शपथ ली. अगर यह अपराध है तो मैं इसे फिर से करूंगा.

विपक्ष का नेता बनने की होड़

फ्लोर टेस्ट के बाद एनसीपी नेता छगन भुजबल ने बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस के सामने विपक्ष का नेता बनने की होड़ है. पहले बीजेपी को फैसला लेना है कि विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस हैं या चंद्रकांत पाटिल.

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