महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों के नतीजों के बाद कांग्रेस ने बीजेपी और उसके सहयोगियों पर तीखा हमला बोला है. महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दावा किया है कि भले ही चुनावी नतीजे कांग्रेस के पक्ष में पूरी तरह संतोषजनक नहीं रहे हों, लेकिन पार्टी ने यह चुनाव आइडियोलॉजिकल लड़ाई के तौर पर लड़ा है.
मुंबई और बुलढाणा में मीडिया से बातचीत करते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि कांग्रेस के पास राज्य के पांच शहरों में मेयर और करीब 350 कॉर्पोरेटर हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस 10 स्थानों पर सत्ता में शामिल होगी. उनके मुताबिक, कांग्रेस आज भी राज्य में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई है.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी बीजेपी गठबंधन ने नगर निगम चुनावों में भारी पैसा खर्च किया. उन्होंने कहा कि फर्जी वोटिंग हुई, नोट बांटे गए और चुनाव आयोग के समर्थन से पूरी चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया. सपकाल का आरोप है कि मुंबई में बीजेपी की सफलता किसी जनसमर्थन का नहीं, बल्कि फिक्सिंग का नतीजा है.
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उन्होंने कहा कि वार्ड स्ट्रक्चर से लेकर वोटिंग मशीनों और स्याही के इस्तेमाल तक हर स्तर पर गड़बड़ी की गई. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष भूमिका निभानी चाहिए और सत्ताधारी दल के दबाव में काम करना बंद करना चाहिए.
हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई सत्ता के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और उसके सहयोगी सत्ता के लिए नैतिकता भूल चुके हैं और लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है.
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिना समझौता किए संघर्ष किया और आगे भी हार से निराश हुए बिना जनता के बीच काम करते रहेंगे. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि तानाशाही का बुलबुला ज्यादा दिन नहीं टिकता और आने वाले समय में बीजेपी के लिए हालात कठिन हो सकते हैं.
अभिजीत करंडे