बीएमसी चुनावः स्याही मिटाने वाले उद्धव ठाकरे के आरोप पर आया चुनाव आयोग का जवाब, जानिए क्या कहा

उद्धव ठाकरे ने मतदाताओं को लगाई जा रही स्याही मिटने के दावे करते हुए चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा किया. इस पर अब महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग का जवाब आ गया है.

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चुनाव आयोग ने कहा-मतदाताओं में भ्रम पैदा करना भी गड़बड़ी चुनाव आयोग ने कहा-मतदाताओं में भ्रम पैदा करना भी गड़बड़ी

अभिजीत करंडे / ऋत्विक भालेकर

  • मुंबई,
  • 15 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:17 PM IST

बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) समेत महाराष्ट्र के 29 नगर निगम में शहर की सरकार चुनने के लिए वोट डाले जा रहे हैं. वोटिंग के बीच विपक्षी शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा किया है. उद्धव ठाकरे ने मतदान प्रक्रिया में खामियों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया है कि मतदान के बाद उंगली पर लगी स्याही भी आसानी से मिट जा रही है. इसके लिए चुनाव आयोग को जवाबदेह होना चाहिए.

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उद्धव के आरोप पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने पलटवार किए हैं. चुनाव आयोग की भी सफाई आई है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव के आरोप पर कहा कि कुछ लोगों को इस पर आपत्ति हो सकती है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को अगर ऐसा लगता है, तो वह इसके लिए किसी और तरीके का उपयोग भी कर सकता है.

सीएम फडणवीस ने यह भी कहा कि किसी संवैधानिक संस्था पर हर बार सवाल उठाना ठीक नहीं है. वहीं, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा है कि मैंने चुनाव आयोग से बात की. चुनाव आयोग 2012 से एक ही स्याही का इस्तेमाल कर रहा है. उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव हार रहा है और इसीलिए अब वे बहाने ढूंढ रहे हैं. स्याही कंट्रोवर्सी पर चुनाव आयोग का भी बयान आया है.

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महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने कहा है कि उंगली पर लगाई गई स्याही को मिटाने का प्रयास कर मतदाताओं में भ्रम पैदा करना एक प्रकार की गड़बड़ी है. इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति उंगली की स्याही मिटाकर दोबारा मतदान करने जाता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी. राज्य चुनाव आयोग ने यह भी साफ किया है कि उंगली की स्याही मिटाकर गड़बड़ी के प्रयास पर भी संबंधित मतदाता दोबारा मतदान नहीं कर सकता. 

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महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि पहले से ही जरूरी सतर्कता बरती जा रही है. मतदाताओं के मतदान का रिकॉर्ड दर्ज किया जाता है, इसलिए केवल स्याही मिटाने से दोबारा मतदान संभव नहीं है. चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि सभी अधिकारियों को इस संबंध में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. गौरतलब है कि महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने 19 और 28 नवंबर 2011 को मतदाताओं की उंगली पर स्याही लगाने के संबंध में आदेश जारी किए थे. तब से ही चुनावों में मतदाताओं की उंगली पर स्याही लगाने के लिए मार्कर पेन का उपयोग हो रहा है.

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स्याही को लेकर क्या हैं निर्देश

मतदाताओं की उंगली पर स्याही लगाने को लेकर भी स्पष्ट निर्देश हैं. गाइडलाइंस के मुताबिक मतदाता की उंगली पर स्याही इस प्रकार लगाई जानी चाहिए, कि वह साफ-साफ दिखाई दे. नाखून और उससे ऊपर की त्वचा पर तीन से चार बार रगड़कर स्याही लगाई जानी चाहिए. ये निर्देश पहले भी दिए गए हैं और मार्कर पेन पर भी गाइलाइंस स्पष्ट छपी हैं. महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने स्याही मिटाने जैसी गड़बड़ी से बचने की अपील भी मतदाताओं से की है.

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