बीजेपी का आरोप - 'यलगार' परिषद के नाम को भुनाने में जुटी कांग्रेस

बीजेपी का आरोप है कि भीमा कोरेगांव में हिंसा को लेकर चर्चा में आई यलगार परिषद के नाम को कांग्रेस भुना रही है.

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भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा की आग महाराष्ट्र के 18 जिलों में फैल गई थी भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा की आग महाराष्ट्र के 18 जिलों में फैल गई थी

दीपक कुमार / पंकज खेळकर

  • पुणे,
  • 24 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 11:54 PM IST

भीमा कोरेगांव में हिंसा और पीएम मोदी की हत्या की साजिश को लेकर चर्चा में आई ''यलगार परिषद'' एक बार फिर महाराष्‍ट्र में सुर्खियां बटोर रही है. दरअसल,  बीजेपी ने आरोप लगाया है कि इस परिषद के ''यलगार'' को कांग्रेस भुनाने की कोशिश कर रही है.

महराष्‍ट्र के औरंगाबाद शहर के अध्‍यक्ष किशनचंद चंदवानी ने कहा कि एक ओर सारा देश यलगार परिषद के आयोजन को लेकर पुणे पुलिस के तफ्तीश पर उलझा हुआ नजर आ रहा है. वहीं शहर से यलगार यात्रा कि शुरुआत कर कांग्रेस इसे भुनाने की कोशिश कर रही है.  बता दें कि एक जनवरी 2018 को पुणे के पास स्थित भीमा कोरेगांव में हिंसा भड़की थी. इससे एक दिन पहले वहां यलगार परिषद नाम से एक रैली हुई थी और पुलिस मानती है कि इसी रैली में हिंसा भड़काने की भूमिका बनाई गई.

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मोदी सरकार के खिलाफ यात्रा

वहीं कांग्रेस की ओर से बताया गया कि यह मोदी सरकार के खिलाफ यात्रा है. कांग्रेस पार्टी देशभर में मोदी सरकार के खिलाफ अलग-अलग तरीके से आवाज उठा रही है. इस यात्रा के अंतर्गत औरंगाबाद शहर में साइकल रैली निकाली गई. रैली के अंत में सभा रखी गई जिसमें कांग्रेस के 4 विधायकों ने भी हिस्‍सा लिया. भाषण समारोह में कहा गया कि बीजेपी सरकार ने जो वादे किए थे वह पूरे नहीं किए हैं. इसके अलावा कांग्रेस के नेताओं ने बताया कि जनता को गुमराह किया जा रहा है.

कांग्रेस की ओर से इस दौरान कहा गया कि बीजेपी सरकार ने किसानों के साथ धोखाधड़ी की है और महंगाई बढ़ती जा रही है. कांग्रेस जिला अध्यक्ष अब्दुल सत्तार ने यलगार यात्रा के बारे में विस्‍तार से जानकारी दी. उन्‍होंने कहा कि सरकार के अधूरे वादे गिनाने के लिए यह यात्रा मराठवाड़ा में घूमने वाली है. यहां अलग-अलग गांव में जाने वाली है.

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