लंगूरों ने अपने बच्चे को छुड़ाने के लिए बोला हल्ला

पूरा तमाशा 10-15 मिनट तक सड़क पर चलता रहा. इस दौरान ट्रैफिक भी रुक गया. हर कोई रुक कर इस लड़ाई को देखता रहा.

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पंकज खेळकर

  • वाशीम,
  • 05 अक्टूबर 2016,
  • अपडेटेड 7:26 PM IST

ममता सिर्फ इंसानों में ही नहीं जानवरों में भी कूट-कूट कर भरी होती है. इसका सबूत दिया महाराष्ट्र के वाशीम में लंगूरों की एक टोली ने. दरअसल हुआ ये कि लंगूर का एक बच्चा नाले में गिर गया. उसकी मां और दूसरे लंगूरों ने उसे नाले से निकालने की बहुत कोशिश की लेकिन नाकाम रहे. ऐसे में एक दूध वाले ने लंगूर के बच्चे को नाले से निकालने के लिए आगे आया. इस दूध वाले ने लंगूर के बच्चे को नाले से निकाल लिया.

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असली कहानी इसके बाद शुरू हुई. दूध वाला लंगूर के बच्चे को अपने साथ ही ले जाना चाह रहा था. लंगूरों की टोली को दूध वाले का इरादा समझ आ गया. अब लंगूरों ने एक-एक कर दूध वाले की तरफ बढ़ना शुरू किया. पहले तो दूध वाले ने पत्थर दिखा कर भगाने की कोशिश की. इसके बाद भी बच्चे को छुड़ाने के लिए लंगूर आगे बढ़ते रहे तो दूधवाले ने डंडा हाथ में लेकर उन्हें भगाने की कोशिश की.

फिर क्या था सभी लंगूरों ने मिल कर हल्ला बोल दिया. दूध वाले ने कुछ देर तक हाथ-पैर मारे. लेकिन फिर उसने लंगूरों की एकजुटता के आगे हार मानने में ही बेहतरी समझी. तब तक लंगूर बच्चे की मां उसे सीने से चिपटा कर एक खंभे पर चढ़ गई. ये पूरा तमाशा 10-15 मिनट तक सड़क पर चलता रहा. इस दौरान ट्रैफिक भी रुक गया. हर कोई रुक कर इस लड़ाई को देखता रहा.

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