बीजेपी नेता उमा भारती ने बांधे मध्य प्रदेश के DGP की तारीफों के पुल, ये है वजह

उमा भारती ने कई ट्वीट्स में डीजीपी की तारीफ के साथ-साथ राज्य के मुख्यमंत्री और राज्य के गृह मंत्री को टैग करते हुए मध्य प्रदेश को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर एक आदर्श राज्य बनाने का आग्रह किया.

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उमा भारती उमा भारती

हेमेंद्र शर्मा / रवीश पाल सिंह

  • भोपाल,
  • 08 जून 2020,
  • अपडेटेड 7:34 AM IST

  • 14 टॉप अधिकारी हैं जो लंच के लिए दो घंटे से भी अधिक वक्त लेते हैं- DGP
  • उच्च श्रेणी के पुलिस अधिकारी आलसी होने लग जाते हैं- उमा भारती

'पुलिस मुख्यालय में तैनात तीन टॉप IPS अधिकारी दफ्तर नहीं आते. इसी इलीट सर्विस के 11 अधिकारी लंच के बाद दफ्तर नहीं लौटते. इनके अलावा 14 और टॉप अधिकारी हैं जो लंच के लिए दो घंटे से भी अधिक वक्त लेते हैं.'

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ये सारे खुलासे मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी की ओर से जारी एक नोट में किए गए हैं. यह नोट सभी विभाग प्रमुखों और शीर्ष सरकारी अधिकारियों को भेजे गए हैं. अब यह सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है.

डीजीपी के दस्तखत वाले नोट में लिखा गया है, 'इस तथ्य के बावजूद कि मेरे पास इन सभी अधिकारियों के नाम हैं, मैं इस उम्मीद के साथ उनके नामों का खुलासा नहीं कर रहा हूं कि वे अपने काम को गंभीरता से लेंगे और नियमों के मुताबिक अनिवार्य रूप से दफ्तर को अटेंड करेंगे. कार्यालय से शीर्ष अधिकारियों की गैर मौजूदगी का उनके संबंधित विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.'

उमा भारती ने की विवेक जौहरी की तारीफ-

बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने अपने ट्विटर हैंडल पर डीजीपी द्वारा ऐसा नोट लिखने के लिए तारीफ की. उमा भारती ने कई ट्वीट्स में डीजीपी की तारीफ के साथ-साथ राज्य के मुख्यमंत्री और राज्य के गृह मंत्री को टैग करते हुए मध्य प्रदेश को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर एक आदर्श राज्य बनाने का आग्रह किया.

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उमा भारती ने एक ट्वीट में लिखा, 'मध्य प्रदेश के डीजीपी विवेक जौहरी का वह पत्र जो सार्वजनिक हुआ है उसमें जो तथ्य हैं वह एक सच्चाई है. विवेक जौहरी जैसा ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ, साहसी अधिकारी ही इस मुद्दे को उठाने की पात्रता रखता है.'

उमा भारती ने दो और ट्वीट में लिखा, 'मेरे पास 1990 से शासन प्रदत्त सुरक्षा व्यवस्था रही है, इसलिए मैं स्वयं इसकी साक्षी हूं कि सामान्य श्रेणी के पुलिसकर्मी और अधिकारी अपने कर्तव्य के प्रति जितने जागरुक और परिश्रमी होते हैं.'

उमा भारती ने आगे लिखा 'उनकी तुलना में उच्च श्रेणी के पुलिस अधिकारी आलसी लापरवाह होने लग जाते हैं. इसमें कुछ अपवाद भी होते हैं जो उच्च पदों पर रह करके भी उतने ही सतर्क परिश्रमी रहते हैं, जितने कि वह अपने सर्विस काल के आरंभ में थे, विवेक जौहरी स्वयं इसके उदाहरण हैं.'

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने भी की डीजीपी की तारीफ

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने विवेक जौहरी और उमा भारती का समर्थन करते हुए कहा, 'कार्य संस्कृति में बदलाव की आवश्यकता है. पिछली कमलनाथ सरकार के 15 महीने के कार्यकाल के दौरान अधिकारियों ने ऐसी आदतें डाल लीं. और इन्हें राज्य में कानून व्यवस्था की बेहतरी के लिए बदलने की जरूरत है.'

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पुलिस मुख्यालय में कई अधिकारी डीजीपी के पत्र को शक की नजर से देख रहे हैं. उनका आरोप है कि ये सब राज्य में बदले राजनीतिक समीकरणों के तहत कुछ लोगों को निशाना बनाने के मकसद से है. एक शीर्ष IPS अधिकारी ने कहा 'इन मुश्किल वक्त के तहत कुछ ऐसे अधिकारी हो सकते हैं जो कार्यालय से दूर रहे हों, लेकिन वे घर से भी काम करते हैं. एक वर्दीधारी बल में अनुशासन आवश्यक है लेकिन किसी भी शख्स को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए क्योंकि उसने पिछली सरकार में ऊंचा पद संभाला था.'

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