मंदसौर में किसानों के आंदोलन से केंद्र सरकार सकते में हैं. अब तक किसानों के हकों के लिए लड़ाई लड़ने का दावा करने वाली सरकार के खिलाफ विरोधी आवाज बुलंद करने लगे हैं. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के आज मंदसौर के लिए रवाना होते ही राजनीति और भी गरमा गई. दिल्ली में सरकार के मंत्री और भाजपा के नेताओं ने राहुल गांधी के मंदसौर दौरे को आग में घी डालने वाला करार दिया है.
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री सुदर्शन भगत ने आज तक से खास बातचीत में कहा कि राहुल गांधी का मंदसौर जाना राजनीतिक हथकंडा है. उन्हें इससे बचना चाहिए था. वे सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए ऐसा कर रहे थ. राहुल की ये राजनीतिक यात्रा थी. इससे पहले भी वे जहां-जहां गए हैं वहां आग और भड़की है.
सुदर्शन भगत ने कहा कि यह जांच का विषय है कि मंदसौर में गोली किसने चलाई? क्या किसानों को किसी ने भड़काया या फिर कुछ और ही वजह रही. उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार किसानों के लिए बेहद चिंतित है और इस काम में लगी कि किसानो की आय कैसे बढ़ाई जाए. कृषि मंत्री ने दावा किया कि मोदी राज में किसानों के हालात पहले से काफी सुधरे हैं. आत्महत्या के मामले में कमी आई है और उनके हित में कई कदम भी उठाए गए हैं. इसके साथ ही उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे हिंसा के रास्ते पर न चलें. सरकार पूरी गंभीरता से विचार कर रही है. जल्द ही किसानों की समस्या का समाधान होगा.
भाजपा नेता प्रहलाद पटेल ने भी राहुल गांधी की आलोचना की
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के मंदसौर जाने पर भाजपा के वरिष्ठ नेता व सांसद प्रह्लाद पटेल कहते हैं कि राहुल गांधी इस मामले में सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं. वे भी किसान नेता रहे हैं. वे भी आंदोलन का हिस्सा रह चुके हैं लेकिन किसानों के आंदोलन में होने वाली हिंसा उनके हित में नहीं. केवल मुकदमे रह जाते हैं.
वे आगे कहते हैं कि मुख्यमंत्री और किसानों के बीच सहमति बन चुकी थी. ऐसे में हालात का भड़क जाना शक के दायरे में आता है.
वे आगे कहते हैं कि गोली कैसे और किसने चलाई यह जांच का विषय है. जांच का इंतजार हो. वे अंत में कहते हैं कि मोदी सरकार में किसानों के अच्छे दिन आए हैं. वे बुंदेलखंड का हवाला देते हैं कि वहां सभी के पास पीने का पानी है. पहले ऐसा सपना था. इस इलाके में आत्महत्या भी नहीं हो रहीं.
रीमा पाराशर