भोपाल: नया ट्रैफिक कानून लागू नहीं, जुर्माने के डर से बढ़ी लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या

आरटीओ कार्यालय से मिले आंकड़े भी इसकी गवाही दे रहे हैं कि कैसे 1 सितंबर 2019 के बाद से भोपाल आरटीओ में डीएल आवेदकों की संख्या में दोगुना इजाफा हुआ है. बता दे कि 1 सितंबर ही वो तारीख है जब नया ट्रैफिक कानून लागू हुआ था.

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लग रहीं कतार (फोटो- रवीश पाल सिंह)
रवीश पाल सिंह
  • भोपाल,
  • 26 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 1:43 AM IST

नए ट्रैफिक नियम के बाद मध्य प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या में तेजी आ गई है. राजधानी भोपाल में इन दिनों पहले से ज्यादा संख्या में आवेदक आकर लाइसेंस के लिए आवेदन दे रहे हैं. भोपाल आरटीओ में लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की कतार लग रही है.

बता दें कि मध्य प्रदेश में अभी नया ट्रैफिक कानून लागू नहीं हुआ हैं, लेकिन देशभर से भारी भरकम जुर्माने की खबरों ने भोपाल के लोगों में ऐसा खौफ भर दिया है कि वो  अपना लाइसेंस बनवाने में जुट गए हैं.

निशातपुरा से आई सारिका शर्मा ने बताया कि वो 21 साल की हो गई हैं. उनके परिवार वाले काफी समय से डीएल बनवाने को बोल चुके थे, लेकिन उन्होंने कहना नहीं माना. पिछले हफ्ते जब सारिका का चालान कटा तो उस वक़्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने दिल्ली में हो रहे भारी भरकम जुर्माने के बारे में बताया.

सारिका ने इसके बाद इंटरनेट पर इससे जुड़ी खबर पढ़ी और बुधवार को लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन दे दिया. वहीं न्यू मार्केट इलाके के रहने वाले अनुज ने बताया कि आज नहीं तो देर-सवेर नया ट्रैफिक कानून मध्य प्रदेश में भी लागू हो ही जाएगा. ऐसे में जुर्माने की रकम यदि दिल्ली जैसे ही भारी भरकम हुई तो उसके सामने मुश्किल खड़ी हो जाएगी, क्योंकि इतनी तो उसे पॉकेटमनी ही नहीं मिलती और इसलिए उसने डीएल के लिए आवेदन किया है. 

आरटीओ कार्यालय से मिले आंकड़े भी इसकी गवाही दे रहे हैं कि कैसे 1 सितंबर 2019 के बाद से भोपाल आरटीओ में डीएल आवेदकों की संख्या में दोगुना इजाफा हुआ है. बता दे कि 1 सितंबर ही वो तारीख है जब नया ट्रैफिक कानून लागू हुआ था.

भोपाल आरटीओ संजय तिवारी के मुताबिक, एक सितंबर से पहले भोपाल आरटीओ कार्यालय में रोजाना करीब 200 आवेदक डीएल बनवाने आते थे. एक सितंबर के बाद से अब रोजाना करीब 500 लोग डीएल के लिए आवेदन दे रहे हैं. अगस्त के महीने में भोपाल आरटीओ में करीब 2500 डीएल बने थे, जबकि सितंबर में अबतक 5000 से ज्यादा डीएल के लिए आवदेन मिल चुके हैं. ज्यादातर को लर्निंग लाइसेंस दिया भी जा चुका है.  

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